बांकेबिहारी मंदिर में चांदी का रथ न विराजित करने पर जांच तेज, तीन सदस्यीय कमेटी गठित
बांकेबिहारी मंदिर में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान चांदी का रथ और शेषनाग न विराजित किए जाने की जांच शुरू हो गई है।

ठाकुर बांकेबिहारी जी।

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जागरण संवाददाता, मथुरा। ठाकुर बांकेबिहारी की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति श्रीजगन्नाथ रथयात्रा के दिन ठाकुर बांकेबिहारी के सिंहासन पर चांदी का रथ और शेषनाग न विराजित करने की जांच शुरू कराई है।
इसके लिए एमवीडीए उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। अगली बैठक में कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में प्रतिवर्ष श्रीजगन्नाथ रथयात्रा के दिन ठाकुर जी के सिंहासन के पास चांदी का रथ और शेषनाग विराजित किए जाते हैं। इस बार रथयात्रा में यह विराजित नहीं किए गए। इस मामले को लेकर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने जांच शुरू करा दी है।
समिति में लक्ष्मी नागप्पन के अलावा नगर आयुक्त ओजस्वी राज और एसएसपी श्लोक कुमार को भी शामिल किया गया है। मंगलवार को समिति की बैठक में एसएसपी के इलाहाबाद हाई कोर्ट में होने और नगर आयुक्त के अस्वस्थ होने के कारण बैठक में शामिल न होने के कारण जांच पर चर्चा नहीं हो सकी।
अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि अगली बैठक में तीनों अधिकारी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उधर, सेवायतों का कहना है कि जो चांदी का रथ और शेषनाग विराजित कराए जाते हैं, वह सेवायत ब्रजेंद्र गोस्वामी को उनके एक यजमान ने निजी रूप से दान किया था। यह मंदिर की संपत्ति नहीं है।
इस बार रथ और शेषनाग विराजित नहीं किए जा सके। उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति की मंगलवार को हुई बैठक में तय किया गया कि कुछ श्रद्धालु मंदिर में ठाकुर जी को फूलमाला फेंककर अर्पित करते हैं। इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा करने वाले श्रद्धालुओं के साथ सख्ती की जाएगी।
