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चांदी के रथ और शेषनाग क्यों नहीं सजाए? बांकेबिहारी मंदिर में हाईपावर्ड कमेटी ने उठाए सवाल, जांच कमेटी बनाई

Published: Wed, 09 Sep 2026 07:35 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 09 Sep 2026 11:08 AM (GMT+05:30)

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में कर्मचारियों की पारदर्शिता और उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अब बायोमीट्रिक हाजिरी लगेगी। ऑनलाइन दान को ...और पढ़ें

Banke Bihari Mandir: सांकेतिक तस्वीर।

Banke Bihari Mandir: सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. मंदिर कर्मचारियों की ड्यूटी पर अंकुश हेतु बायोमीट्रिक हाजिरी।

  2. ऑनलाइन दान को बढ़ावा देने के लिए बढ़ेंगे बारकोड बॉक्स।

  3. चढ़ावे में पारदर्शिता लाने को प्रबंधन समिति के अहम निर्णय।

संवाद सहयोगी, वृंदावन (मथुरा)। Banke Bihari Mandir Vrindavan: ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में अब कर्मचारियों पर ड्यूटी पर अंकुश लगाने और पारदर्शिता के लिए हर कर्मचारी की बायोमीट्रिक सिस्टम से हाजिरी लगेगी। इसके लिए जल्द ही व्यवस्था की जाएगी। चढ़ावे में चोरी न हो इसके लिए ऑनलाइन दान पर भी जोर दिया जा रहा है। 

इस बार जगन्नाथ रथयात्रा में सेवायत ने मंदिर में चांदी का रथ और शेषनाग नहीं सजाए गए। इस पर सवाल उठे तो अध्यक्ष ने एमवीडीए उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन की अध्यक्षता में कमेटी बनाई।

इसके लिए मंदिर में बारकोड बाक्स भी ब़ढ़ाए जाएंगे। अभी मंदिर में 18 दान पेटिका पर बारकोड दर्ज हैं। मंगलवार को ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

केवल सेवाधिकारी तक श्रद्धालुओं का प्रसाद पहुंचांगे भंडारी, संख्या भी तय होगी

वृंदावन के शहीद लक्ष्मण स्मारक भवन कार्यालय में शाम पांच बजे से शुरू हुई बैठक में समिति अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि कर्मचारियों की ड्यूटी नियमित करने और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता लेने के लिए अब बायोमीट्रिक सिस्टम से हाजिरी लगेगी। इसके लिए जल्द ही मंदिर में मशीन लगाई जाएगी। अभी अक्सर बिना सूचना के कर्मचारी ड्यूटी से गायब हो जाते हैं। ऑनलाइन दान को बढ़ावा देने के लिए मंदिर परिसर में बारकोड के बॉक्स भी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

मंदिर के चारों ओर लगेंगी फोकस लाइट

मंदिर में तैनात भंडारियों पर अंकुश लगाने के लिए उन्होंने साफ निर्देश दिए कि भंडारी केवल श्रद्धालुओं से प्रसाद लेकर सेवाधिकारी तक पहुंचाएंगे। जो भी दान होगा, वह दान पेटिका में जाएगा। बैठक में भंडारियों की संख्या वीआईपी कटहरा और गर्भगृह के बाहर निर्धारित की जाएगी। समिति सदस्यों के सामने प्रस्ताव रखा गया का कि मंदिर में फूलों की सजावट विभिन्न उत्सव के साथ ही नियमित की जाए। इस पर सेवायतों ने कहा कि हमारी परंपरा गर्मी के चार माह फूलबंगला सजाने की है। अन्य दिनों में मंदिर में फूलों की सजावट करने को लेकर पहले गोस्वामी समाज के साथ बैठक कर वार्ता करनी होगी, इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।

नियमित फूलों की सजावट का भी रखा प्रस्ताव

मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन के सीधे प्रसारण की जिम्मेदारी दिल्ली की सुयोग्य मीडिया कंपनी को दी गई है, इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में कुछ लोगों ने अनियमितता की शिकायत भी की । सेवायत सदस्यों ने कहा कि सुयोग्य मीडिया के साथ अनुबंध और उन्हें बिना प्रस्ताव के भुगतान के कागजात दिखाए जाएं। इस बार जगन्नाथ रथयात्रा में सेवायत ने मंदिर में चांदी का रथ और शेषनाग नहीं सजाए गए। इस पर सवाल उठे तो अध्यक्ष ने एमवीडीए उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन की अध्यक्षता में कमेटी बनाई।

इसमें एसएसपी श्लोक कुमार और नगर आयुक्त भी शामिल हैं। दोनों सदस्यों के बैठक में न होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी। सेवायत सदस्य हिमांशु ने कहा कि मेरी अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की जाए, लेकिन अध्यक्ष ने इसे नकार दिया।

प्रसार भारती ने दिया लाइव स्ट्रीमिंग का प्रस्ताव

सदस्य सेवायत रजत गोस्वामी ने बताया कि बैठक में समिति अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि प्रसार भारती ने उन्हें लाइव स्ट्रीमिंग के लिए पत्र लिखा है। विज्ञापन की भी नियमावली बनेगी। इस पर सदस्य सेवायतों ने कहा कि पहले सुयोग्य मीडिया मामले में शिकायत का निपटारा हो, बाद में इस पर चर्चा होगी।

यह प्रस्ताव भी पास

  • मंदिर में तैनात सफाईकर्मियों को बकाया भुगतान जल्द दिया जाएगा
  • मंदिर में फूलमाला फेंकने पर प्रतिबंध लगाने का पास हुआ प्रस्ताव। इसमें मालियों द्वारा डलिया में रखकर फूलमाला पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाने पर विचार
  • बैंक के सीएसआर फंड से 200 फोकस लाइट राधाष्टमी से पहले मंदिर क्षेत्र में लगाई जाएंगी

किस आदेश से निजी बैंक में जमा हो रही धनराशि

बैठक के बाद समिति के सदस्य सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने कहा कि समिति ने पहले आदेश दिया था कि निजी बैंकों में मंदिर की धनराशि जमा नहीं होगी। फिर किस आदेश से धनराशि जमा की गई। इस पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। समिति की बैठक की वीडियो रिकार्डिंग कराने की मांग की, हमने अपने एजेंडे में सुयोग्य मीडिया को किए 98 लाख के भुगतान पर सवाल किए। लेकिन इस पर कोई पदाधिकारियों ने कोई चर्चा नहीं की।

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