विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मथुरा में जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, अब एक क्लिक में मिलेगी जानकारी, जिले में कितनी है चीनी

Published: Sun, 23 Aug 2026 11:08 PM (GMT+05:30)

जिले में चीनी की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी रोकने के लिए मथुरा प्रशासन सख्त हो गया है। व्यापारियों को पोर्टल ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए।

  2. व्यापारियों को पोर्टल पर चीनी स्टॉक विवरण दर्ज करना होगा।

  3. 4000 क्विंटल से अधिक चीनी स्टॉक रखने पर होगी कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, मथुरा। जिले में चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। शासन एवं भारत सरकार के निर्देशों के तहत अब जिले में चीनी के स्टाक पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

इसके तहत खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर व्यापारियों द्वारा स्टाक दर्ज करते ही एक क्लिक में यह जानकारी मिल जाएगी कि जिले में कितनी चीनी उपलब्ध है। चार हजार कुंतल से अधिक चीनी का स्टाक रखने पर व्यापारी पर कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य एवं विपणन विभाग ने जिले के सभी 37 थोक चीनी व्यापारियों को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने और अपने गोदामों में मौजूद चीनी के स्टाक का पूरा ब्योरा अपलोड करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। व्यापारियों को प्रत्येक शुक्रवार को पोर्टल पर अपना स्टाक नियमित रूप से अपडेट करना होगा।

जमाखोरी की आशंका को खत्म करने के लिए प्रशासन ने धरातल पर भी सख्त कदम उठाए हैं। विभाग द्वारा विशेष टीमें गठित कर जिले में चीनी व्यापारियों के गोदामों व स्टाक की औचक जांच शुरू कर दी गई है। निगरानी व्यवस्था को पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर जांच टीमें बनाई जा रही हैं, जो समय-समय पर स्टाक की हकीकत परखेंगी।

नियमों के मुताबिक कोई भी व्यापारी 4000 कुंतल से अधिक स्टाक नहीं रख सकता और स्टाक प्राप्ति के 30 दिनों से अधिक भंडारण की अनुमति नहीं है। नियमों की अनदेखी पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिले में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने और जमाखोरी रोकने के लिए शासन के आदेशानुसार सख्त निगरानी की जा रही है। जिले के 37 चीनी व्यापारियों को पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण व स्टाक अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

तहसीलों में टीमें गठित कर भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने या गलत जानकारी देने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- मैनपुरी में चीनी की बढ़ती कीमतों पर प्रशासन सख्त, पुराने स्टॉक की ओवररेटिंग पर रोक

यह भी पढ़ें- क्यों बढ़े चीनी के दाम? एथनॉल नहीं, ये वजहें भी हैं जिम्मेदार; एक्सपर्ट्स ने समझाया पूरा गणित