मैनपुरी में चीनी की बढ़ती कीमतों पर प्रशासन सख्त, पुराने स्टॉक की ओवररेटिंग पर रोक
डीएम मैनपुरी ने त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में उछाल पर सख्ती दिखाते हुए थोक व्यापारियों को पुराने स्टॉक ...और पढ़ें

HighLights
डीएम ने थोक व्यापारियों को पुराने स्टॉक की ओवररेटिंग से रोका।
त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों पर नियंत्रण के निर्देश दिए।
निगरानी के लिए तहसील स्तर पर टीमें गठित की गईं।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में अचानक उछाल को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है।
बाजार में चीनी की फुटकर कीमत 70 रुपये किलो तक पहुंचने की शिकायतों के बीच डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने रविवार को थोक व्यापारियों के साथ बैठक कर पुराने स्टाक की ओवररेटिंग न करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित लाभ से अधिक कीमत पर बिक्री मिली तो संबंधित व्यापारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित व्यापारी संवाद कार्यक्रम में डीएम ने मंडी समिति के अधिकारियों से चीनी का वर्तमान थोक भाव की जानकारी जुटाई। डीएम ने थोक व्यापारियों से कहा कि पुराने स्टाक को पूर्व की दर पर ही बेचा जाए। सभी व्यापारी प्रतिदिन अपने स्टाक और बिक्री दर को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करें।
खुदरा विक्रेताओं को भी पूर्व की भांति नौ से 10 प्रतिशत तक लाभ लेते हुए चीनी बेचने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं पर अनावश्यक महंगाई का बोझ न पड़े।
उन्होंने स्टाक और बिक्री दर की नियमित निगरानी के लिए थोक विक्रेताओं को सीडीओ, क्षेत्राधिकारी और राज्य कर विभाग के सचल दल अधिकारियों के वाट्सएप ग्रुप से जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों पर जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी भी व्यापारी के पास चार हजार कुंतल से ज्यादा भंडारण मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मनोज गुप्ता, अशोक कुमार, कल्यान सिंह, अंशू कुमार, दीपांशु राठौर, नरेंद्र पाल, नीरज जैन, विकास गुप्ता, योगेश कुमार, राजेश राठौर आदि व्यापारियों के संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम ने तहसील स्तर पर गठित की टीम
चीनी की ओवररेटिंग रोकने को लेकर डीएम ने जिले में छह टीमों का गठन किया है। टीम में संबंधित तहसील क्षेत्र के एसडीएम, सप्लाई इंस्पेक्टर, मार्केटिंग इंस्पेक्टर व मंडी सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह टीमें अपने क्षेत्र में नियमित मानीटरिंग कर अपनी रिपोर्ट डीएम को सौपेंगे।
