जागरण संवाददाता, मथुरा: कहीं नाली टूट गई तो कहीं पर इंटरलाकिग धंस गई। जनता पार्षद से शिकायत कर रही है। पार्षद अधिकारियों से समस्या का हल कराने को उनके आगे-पीछे चक्कर लगा रहे हैं। टेंडर हुआ तो तकनीक कारणों में फंस गया। कई-कई महीनों तक कार्य नहीं हो पा रहे थे। अब उनको इसके लिए टेंडर खुलने और ठेकेदार के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नगर आयुक्त अनुनय झा ने पार्षदों को एक लाख रुपये तक के कार्य कुटेशन के आधार पर विषम परिस्थितियों में कराने की हरी झंडी दे दी है। इससे पार्षदों को काफी राहत मिलेगी।

नगर आयुक्त अनुनय झा ने हाल ही पार्षदों के साथ किसान भवन में बैठक की थी। इसमें पार्षदों ने अपनी समस्या को नगर आयुक्त के सामने रखा। पूर्व में भी पार्षद बोर्ड और कार्यकारिणी की बैठक में इस मामले को उठाते रहे हैं। नगर आयुक्त ने पार्षदों को एक लाख रुपये तक कार्य कुटेशन के आधार पर विषम परिस्थितियों में कराने को अपनी सहमति दे दी है। इससे पार्षदों को राहत मिल गई है। पार्षद हेमंत अग्रवाल ने बताया, पार्षदों को नाली टूटने और इंटरलाकिग के धंसने के लिए टेंडर खुलने का इंतजार करना पड़ता था, जो अब नहीं करना पड़ेगा। वह कुटेशन के आधार पर अपने क्षेत्र की छोटी-छोटी समस्याओं का हल करा सकते हैं। पार्षद नीलम गोयल ने बताया, नगर आयुक्त ने एक लाख रुपये तक के कार्य विषम परिस्थितियों में कराने का जो अधिकार पार्षदों को दिया है। उससे पार्षद अपने क्षेत्र की छोटी-छोटी समस्याओं का जल्द निस्तारित करा देंगे। पार्षद कुसुम लता ने बताया, नगर आयुक्त के इस फैसले से काफी हद तक पार्षदों को राहत मिलेगी। वह जनता की छोटी-छोटी समस्याओं का हल आसानी से करा देंगे।

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