मथुरा में तनाव, छाता चीनी मिल पर फिर जुटे एक दर्जन गांवों के किसान; फोर्स तैनात
पुलिस द्वारा छाता चीनी मिल धरनास्थल से किसानों को हटाने के बाद मथुरा में तनाव बढ़ गया है, जहां एक ...और पढ़ें
HighLights
एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान दोबारा धरनास्थल पर जुटे।
पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी ने शांतिपूर्ण धरने की घोषणा की।
जागरण संवाददाता, मथुरा। छाता चीनी मिल को लेकर चल रहे किसान आंदोलन में आंदोलनकारियों को जबरन हटाने के बाद माहौल एक बार गरमा गया है। सोमवार दोपहर तनाव की स्थिति पैदा हाे गई। पुलिस कार्रवाई को लेकर जबरदस्त आक्रोश है।
रविवार रात पुलिस ने धरनास्थल से आंदोलनकारियों को हटाने के साथ टेंट, जनरेटर, डीजल समेत अन्य सामान जब्त कर लिया और जेसीबी से धरनास्थल को समतल करा दिया था।
इसके बाद सोमवार को बड़ी संख्या में एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान दोबारा धरनास्थल पर पहुंच गए। आंदोलन की अगुवाई कर रहे पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी ने मिल गेट के पिलर पर खड़े होकर किसानों को संबोधित किया और शांतिपूर्ण तरीके से दोबारा धरना शुरू करने की घोषणा की।

धरनास्थल पर तैनात पुलिस बल।
उन्होंने किसानों से टेंट और अन्य आवश्यक सामान की व्यवस्था करने की अपील की। पुलिस ने मामले में पूर्व प्रधान जबर सिंह, शिवराम चौधरी और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दिगंबर चौधरी समेत कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
वहीं, महिला द्वारा वाल्मीकि समाज पर कथित अमर्यादित टिप्पणी के मामले में चार नामजद समेत करीब 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मौके पर एसडीएम छाता अखिलेश कुमार सिंह, तहसीलदार सहित कई थानों का पुलिस बल और महिला पुलिस तैनात है। पुलिस की मौजूदगी में किसानों के दोबारा जुटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
