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मथुरा में चीनी मिल आंदोलन, पुलिसकर्मियों पर हमला और जलाने के प्रयास में 20 पर रिपोर्ट

By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 22 Oct 2026 06:06 PM (IST)

मथुरा में बंद पड़ी छाता चीनी मिल को चालू कराने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान पुलिसकर्मियों ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, मथुरा। बंद पड़ी छाता चीनी मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान मंगलवार को जनप्रतिनिधियों के पुतले दहन को लेकर हंगामा हो। पुलिस कर्मियों से अभद्रता के साथ धक्का-मुक्की की गई। आरोप है कि पुलिस कर्मियों पर डीजल छिड़क कर जलाने का प्रयास किया गया, इससे तनाव बढ़ गया।

पुलिस की ओर से 20 नामजद और 150 अज्ञात के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ है। छाता चीनी मिल शुरू कराने के लिए 13 अगस्त से धरना चल रहा है। धरने की अगुवाई कर रहे सेना के पूर्व सूबेदार ललित तालान कर्मयोगी ने दशहरा पर्व पर आंदोलन स्थल पर जनप्रतिनिधियों का पुतला जलाने की घोषणा की थी। इसे लेकर मंगलवार दोपहर साढ़े तीन बजे कई थानों की पुलिस आंदोलन स्थल पर पहुंची।

पुतले को लेकर पुलिस और आंदोलनकारियों की झड़प भी हुई थी। आरोप है कि आंदोलन में शामिल महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस कर्मियों से अभद्रता करते हुए ईंट-पत्थर बरसा दिए। साथ ही डीजल छिड़ककर जलाने का भी प्रयास किया गया। इससे तनाव बढ़ गया। विवाद के बाद पुलिस को वापस लौटना पड़ा। मामले को लेकर छाता थाने के दारोगा अंकित मलिक ने पुलिस पर हमले को लेकर मुकदमा दर्ज कराया है।

इसमें सेवानिवृत्त सूबेदार ललित तालान, जबर सिंह, पदम, किशोरी, कृष्णा आचार्य, धर्म सिंह, शेरपाल, अरविंद, रामचरन, शिवराम, भोला उर्फ लेखराज, कान्हा, राजेश चौधरी, मुरारी नेता, कान्हा, कृष्णा, रघुराज, जोधपाल, भावना, कारी उर्फ नरेंद्र के साथ 150 अज्ञात को शामिल किया है।

पुलिस ने इन पर भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या के प्रयास, घातक हथियारों से हमला कर चोट पहुंचाने, लोक सेवक पर हमला करने व उसके सरकारी कर्तव्य में बाधा डालने के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है। छाता थाना प्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आरोपितों की तलाश की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।