मथुरा, जेएनएन। गोवर्धन रोड पर एफसीआई गोदाम के सामने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए शौचालय के गिराए जाने के बाद बाबा अन्न-जल त्याग कर बैठ गए। इस इलाके में बांस बल्ली लगाकर लोगों के करीब 80 मीटर सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया था। इसकी शिकायत और मुडिया पूर्णिमा मेला को देखते हुए नगर निगम ने यह अतिक्रमण हटा दिया। इससे नाराज बाबा शौचालय की शिकायत लेकर उपवास पर बैठ गए। रविवार को चिकित्सकों ने बाबा का चेकअप किया और हाईवे पुलिस ने बाबा को आंदोलन खत्म करने के लिए मनाया भी, मगर बाबा अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।

भारतीय खाद्य निगम गोवर्धन रोड के गोदाम की चहारदीवारी से सटा कर करीब बीस पच्चीस साल पहले क्षेत्रीय लोगों ने एक छोटे मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर पर चंद्रमापुरी खड़ेश्वरी महाराज ने यहां आकर सेवा पूजा करना शुरू कर दिया। उस समय सड़क छोटी थी और आसपास खाली स्थान था। पिछले साल यहां सड़क का चौड़ीकरण करा दिया गया। इधर, बाबा ने मंदिर के एक तरफ अपनी कुटिया बना ली और दूसरी तरफ करीब बीस पच्चीस मीटर लोक निर्माण विभाग की भूमि पर बांस बल्ली लगाकर एक अस्थायी शौचालय का भी निर्माण करा दिया। इसकी शिकायत एफसीआइ के अधिकारियों ने नगर निगम में की।

मुडिया पूर्णिामा मेला से पहले प्रशासन ने सात-आठ जुलाई को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। बांस बल्ली लगाकर बनाया घेरा और अस्थायी शौचालय हटा दिया। तभी से बाबा भूख हड़ताल पर बैठ गए। रविवार को बाबा से बातचीत की गई तो उन्होंने मौन धारण कर लिया और उनकी कुटिया में रह रहे दूसरे संत दीनबंधु दास ने बाबा की मौजूदगी में बताया कि बाबा का शौचालय तोड़ दिया गया है और इसके निर्माण की मांग को लेकर बाबा ने अन्न जल त्याग दिया है और अब वह नहीं बोल पा रहे हैं।

बाबा ने दी लिखित शिकायत में कहा कि नगर निगम और एफसीआइ के अधिकारी उनको परेशान कर रहे हैं। बाबा ने यहां होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों का भी जिक्र किया है। वहीं दूसरी तरफ सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बाबा ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर लिया था, उसको हटवाया गया है। मंदिर को कोई क्षति नहीं पहुंचाई गई है। जिला अस्पताल के डॉ. अमन कुमार ने आज उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया। डॉ. ने बताया कि बाबा का बीपी सामान्य है और किसी तरह की परेशानी नहीं है।

Posted By: Umesh Tiwari