जागरण संवाददाता, वृंदावन: तीर्थनगरी वृंदावन में मोक्षधाम की मांग दशकों से चली आ रही है। कई बार चुनावी मुद्दा बन चुके मोक्षधाम निर्माण की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। मामले में अब उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद और विप्रा ने दिलचस्पी दिखाई तो मांग करने वालों की उम्मीद एक बार फिर से जागने लगी है।

वृंदावन में मोक्षधाम की मांग पिछले चार दशक से चली आ रही है। नब्बे के दशक में यमुना किनारे टीनशेड डालकर मोक्षधाम बनाने की योजना शुरू की गई, लेकिन मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट से अनुमति मिलने के बाद मामला सामाजिक संस्थाओं की खींचतान में फंस गया। विधान सभा और पूर्ववर्ती नगर पालिका चुनाव में मोक्षधाम चुनावी मुद्दा भी बना। पूर्ववर्ती नगर पालिका बोर्ड पांच एकड़ भूमि पर मोक्षधाम निर्माण के लिए आवंटन करने की संस्तुति कर शासन के लिए भेज दी थी। डीपीआर को भी मंजूरी मिल गई, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। अब सामाजिक संस्था ब्रज वृंदावन विरासत फाउंडेशन, गरीब एकता दल और गोलोकधाम समिति के पदाधिकारियों ने उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा के सामने मोक्षधाम निर्माण की मांग रखी। मिश्रा ने विप्रा उपाध्यक्ष यशू रुस्तगी के साथ शुक्रवार की दोपहर यमुना किनारे श्मशान भूमि पहुंचकर निरीक्षण किया। दोनों ने कहा कि मोक्षधाम का निर्माण के लिए एनजीटी और पुरातत्व विभाग के साथ भूमि स्वामित्व की फाइल देखकर योजना बनाई जाए। बाबा मदनबिहारी दास, डॉ. ओम, भगवान दास चौधरी, विवेक महाजन, श्यामसुंदर दुबे, रविकांत गौतम, आरके शर्मा, गोपाल, महेंद्र ¨सह मौजूद रहे।

By Jagran