वृंदावन, विपिन पाराशर। मथुरा-वृंदावन के संस्कृत विद्यालयों से शिक्षा हासिल करने वाले कथावाचक देश के कई हिस्सों में इन दिनों प्रवचन दे रहे हैं। वे अपने-अपने मंचों से श्रद्धालुओं को मतदान करने की अपील कर रहे हैं। आरक्षण का विरोध करने वाले देवकीनंदन ठाकुर भी इनमें शामिल हैं। यह लोग श्रद्धालुओं को देश की दिशा तय करने का इशारा भी अपने तरीके से कर रहे हैं।

कानपुर में चल रही भागवत कथा के दौरान भागवत वक्ता देवकीनंदन ठाकुर श्रद्धालुओं से कह रहे हैं कि वे मतदान अवश्य करें। इसके लिए अपने विवेक का सहारा लें। साथ ही कहते हैं कि मध्यप्रदेश में नोटा चल गया, इतना ही इशारा सरकार के लिए काफी है। अब नोटा नहीं मतदान कर राष्ट्र को विश्व गुरु की राह दिखानी है।

इंदौर के शुभकारज गार्डन में डॉ. मनोजमोहन शास्त्री की कथा चल रही है। इसमें श्रोताओं से मतदान के लिए संकल्प पत्र भरवाए जा रहे हैं। डॉ. शास्त्री कथा मंच से कह रहे हैं कि सभी मतदान कर लोकतंत्र के इस महापर्व को उल्लास पूर्वक मनाएं। देश को वर्तमान में एकसाथ खड़े होने की जरूरत है। हम मजबूत लोकतंत्र के लिए शतप्रतिशत मतदान करेंगे तो देश में स्थिर सरकार का गठन होगा और राष्ट्र तरक्की के नए आयाम छू सकेगा। स्थानीय परिक्रमा मार्ग स्थित गुरुशरण सेवाधाम आश्रम में शिष्यों से जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी विश्वेषप्रपन्नाचार्य मतदान की अपील कर रहे हैं। वे कहते हैं, लोकतांत्रिक हक का उपयोग करना राष्ट्र विकास में सहभागी बनने के बराबर है। रंगजी मंदिर में चल रहे ब्रह्मोत्सव में आए दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं से मंदिर के पीठाधीश्वर स्वामी गोवर्धन रंगाचार्य ने हर हाल में मतदान करने की अपील की है। कहा कि हमने आजादी में भूमिका भले न निभाई हो, लेकिन मतदान कर राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका हमें निभानी है।

लखनऊ में भागवत प्रवचन करते हुए आचार्य मृदुलकांत शास्त्री राष्ट्र धर्म का पाठ पढ़ाते हुए मतदान की अपील कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि देश ने विश्व गुरु की राह पकड़ ली है। अब हमें भी राष्ट्र उन्नति के महायज्ञ में आहूति मतदान करके देनी है। हमें राष्ट्र हित में विवेकपूर्ण निर्णय लेना है। ताकि मजबूत सरकार दुनियाभर में भारत को सशक्त राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करने में सक्षम हो।

Posted By: Jagran