मथुरा चीनी मिल आंदोलन में पूर्व सूबेदार और पत्नी पर धोखाधड़ी का आरोप, पूर्व सैनिकों ने दर्ज कराई FIR
चीनी मिल आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सूबेदार ललित कुमार कर्मयोगी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज।
चीनी मिल आंदोलन के नेता हैं ललित कुमार कर्मयोगी।
भूतपूर्व सैनिकों के दस्तावेज दुरुपयोग का आरोप लगाया गया।
जागरण संवाददाता, मथुरा। दो माह से चल रहे चीनी मिल आंदोलन की अगुवाई कर रहे पूर्व सूबेदार ललित कुमार कर्मयोगी के खिलाफ उनके साथी पूर्व सैनिकों ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि भूतपूर्व सैनिक परिषद के नाम पर संस्था का पंजीकरण कराने के लिए पूर्व सैनिकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज लिए गए, लेकिन संस्था की जगह ट्रस्ट बनाकर खुद संचालन शुरू कर दिया। मुकदमे में पूर्व सूबेदार की पत्नी व एक अन्य को नामजद किया है।
सेवानिवृत्त हवलदार पवन कुमार सिंह, सेवानिवृत्त नायक मुरारी लाल समेत अन्य पूर्व सैनिकों की ओर से दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि सेवानिवृत्त सूबेदार ललित व उनसे जुड़े लोगों ने भूतपूर्व सैनिक परिषद संस्था के पंजीकरण के लिए पूर्व सैनिकों के आवश्यक दस्तावेज लिए।
पूर्व सैनिकों ने लगाया अलग ट्रस्ट बनाने का आरोप
संस्था की जगह ट्रस्ट का पंजीकरण कराया गया। इसमें अपना गलत पता लिखवाया। आरोप है कि इस पर जब आपत्ति की गई तो ललित कुमार ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी गई। इंस्पेक्टर छाता उमेश त्रिपाठी ने बताया कि ललित कुमार कर्मयोगी, उनकी पत्नी चंचल देवी और रूपेश तालान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
13 अगस्त से शुरू हुआ था धरना
छाता चीनी मिल की मांग को लेकर 13 अगस्त से धरना शुरू हुआ था। एक सप्ताह बाद पूर्व सूबेदार ललित कर्मयोगी ने आंदोलन का नेतृत्व शुरू कर दिया। सरकार द्वारा पहले एथेनॉल प्लांट और फिर चीनी मिल शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया, लेकिन आंदोलन नहीं रुका। आंदोलनकारियों का कहना है कि पहले चीनी मिल शुरू की जाए। आंदोलन जारी है।
