उच्च शिक्षा के लिए सरकारी छात्रवृत्ति: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन, जानें 4 प्रमुख योजनाएं
यह लेख केंद्र सरकार द्वारा संचालित चार प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं के बारे में जानकारी देता है, जिनका उद्देश्य 12वीं के ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
केंद्र सरकार की चार प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाएं उपलब्ध हैं।
पीएम यशस्वी, टॉप क्लास, एसटी, पीजी छात्रवृत्तियां शामिल हैं।
पात्र छात्र 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जागरण संवाददाता, मथुरा। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब छात्र कॉलेज या यूनिवर्सिटी की दहलीज पर कदम रखते हैं, तो ट्यूशन फीस से लेकर रहने और किताबों का खर्च कई परिवारों के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाता है। मेधावी और जरूरतमंद युवाओं की इसी परेशानी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार कई छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित कर रही है।
इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य सामाजिक वर्ग, योग्यता, पारिवारिक आय और संस्थान के आधार पर छात्रों को वित्तीय मदद मुहैया कराना है।
वर्तमान में नेशनल स्कालरशिप पोर्टल पर ऐसी ही चा प्रमुख योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इच्छुक व पात्र विद्यार्थी 31 अक्टूबर तक अपना ऑनलाइन फार्म जमा कर सकते हैं।
1. पीएम यशस्वी योजना
यह छात्रवृत्ति अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग व डी-नोटीफाइड ट्राइब्स श्रेणी के उन विद्यार्थियों के लिए है, जो देश के शीर्ष व चिन्हित संस्थानों से फुल-टाइम कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके तहत ट्यूशन फीस और नान-रिफंडेबल फीस की भरपाई की जाती है। यदि छात्र किसी निजी संस्थान में नामांकित है, तो ट्यूशन फीस के मद में अधिकतम दो लाख रुपये सालाना तक दिए जाते हैं। इसके अलावा रहने के खर्च के लिए तीन हजार रुपये प्रति माह व किताबों व स्टेशनरी के लिए पांच हजार रुपये सालाना की अतिरिक्त सहायता मिलती है।
2. सेंट्रल सेक्टर टॉप क्लास शैक्षिक छात्रवृत्ति
अनुसूचित जाति के मेधावी छात्रों के लिए बनाई गई यह योजना 12 वीं के बाद मान्यता प्राप्त व चिन्हित संस्थानों में फुल-टाइम उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं को कवर करती है। छात्र के परिवार की सालाना आय आठ लाख रुपये तक होनी चाहिए। योजना में संस्थान की ट्यूशन फीस और नॉन-रिफंडेबल फीस प्रदान की जाती है। निजी संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए यह वित्तीय मदद प्रति वर्ष अधिकतम दो लाख रुपये तक निर्धारित है।
3. नेशनल स्कालरशिप फार हायर एजुकेशन
यह अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के उच्च शिक्षण सपनों को पंख देने के लिए यह एक विशेष योजना है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएम व एम्स आदि में दाखिला लेने वाले एसटी वर्ग के छात्रों को इस योजना का लाभ दिया जाता है। परिवार की कुल वार्षिक आय छह लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। चयनित विद्यार्थियों को कोर्स की पूरी फीस, रहने का खर्च और पुस्तकों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
4. नेशनल स्कालरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज
यह छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों के लिए है जो स्नातक के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन के प्रथम वर्ष में नियमित रूप से प्रवेश ले चुके हैं। छात्र का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में नियमित फुल-टाइम पीजी कोर्स में दाखिला होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आवेदन के समय उम्मीदवार की आयु 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। चयनित पीजी विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई और शोध को सुगम बनाने के लिए प्रति वर्ष 1.50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
इन सभी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए छात्रों को नेशनल स्कालरशिप पोर्टल पर जाकर सबसे पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। फार्म भरते समय पिछली कक्षाओं की मार्कशीट, आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, सक्रिय बैंक खाता विवरण और संस्थान में प्रवेश से जुड़े दस्तावेज तैयार रखें। आवेदन करने से पूर्व पोर्टल पर दी गई संबंधित योजना की गाइडलाइन और पात्रता शर्तों की जांच अवश्य कर लें।
