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जागरण संवाददाता, मथुरा: गिरिराजजी की तलहटी में 23 अक्टूबर होने वाले अद्वितीय छप्पन भोग की तैयारियां रविवार की शाम को पूरी हो गई। सोमवार को दुग्ध पंचामृत केशर और जड़ी-बूटियों से सुबह दस बजे से गिरिराजजी का अभिषेक कर संगीतमयी परिक्रमा लगाई जाएगी। अगले दिन छप्पन भोग के दर्शन होंगे।

श्रीगिरिराज सेवा ट्रस्ट ने इस आयोजन को आन्यौर परिक्रमा मार्ग को फूलों की घाटी में तब्दील किया है। शरदपूर्णिमा पर छप्पनभोग में महारास लीला के भी दर्शन होंगे। दानघाटी से राधा ब्रज वसुंधरा के बीच में पांच तोरणद्वार बनाए गए हैं। इन्हें विद्युत रोशनी और फूलों सजाया गया है। श्रीराधा ब्रज वसुंधरा साधु एवं वैष्णव सेवा कार्य किया जायेगा। छप्पनभोग सामिग्री भी यहीं बन रही है। विशाल पंडाल बनाया गया है। श्रीगिरिराजजी को 2111 टोकरी में छप्पन भोग परोसा जाएगा। ये सामिग्री मानव श्रृंखला पहुंचाएगी। श्रृंगार में हीरा पन्ना, स्वदेशी और विदेशी फूल प्रयोग होगा। दर्शनार्थियों को प्रसाद वितरण करने को टीम बनाई गई हैं। विरक्त संत पंडित गया प्रसादजी की समाधि पर टी सीरीज के कलाकर भजन संध्या प्रस्तुत करेंगे। छप्पनभोग दर्शन दोपहर दो से रात 12 बजे तक किए जाएंगे। इसके बाद महाआरती होगी।

Posted By: Jagran

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