कान्हा से द्वारकाधीश तक का सफर, पूर्व IAS की किताब 'ईकोज ऑफ डिवाइनिटी' में ब्रज का समृद्ध इतिहास
सेवानिवृत्त आईएएस आराधना जौहरी की पुस्तक 'ईकोज ऑफ डिवाइनिटी' ब्रज के समृद्ध इतिहास और भगवान कृष्ण के कान्हा से द्वारकाधीश ...और पढ़ें

HighLights
सेवानिवृत्त आईएएस आराधना जौहरी ने पुस्तक 'ईकोज ऑफ डिवाइनिटी' लिखी।
पुस्तक में ब्रज का इतिहास और कृष्ण के द्वारकाधीश बनने का सफर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में पुस्तक का विमोचन किया।
जागरण संवाददाता, मथुरा। कान्हा के ब्रज का व्यापक और समृद्ध इतिहास है। कृष्ण ऐसे ही द्वारकाधीश नहीं बन गए। ब्रज में ग्वाल-बाल संग लीलाएं कीं। फिर कई झंझावात झेले। द्वारकाधीश बने तो एक अलग रूप भी दिखा।
सेवानिवृत्त आइएएस आराधना जौहरी की पुस्तक ईकोज ऑफ डिवाइनिटी कान्हा के हर रूप का बखान करती है। ब्रज की मूर्तिकला से लेकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान का इतिहास भी बताती है। पिछले दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के मौके पर विमोचन किया।
1980 बैच की आइएएस आराधना जौहरी ने उत्तर प्रदेश और भारत सरकार में काम किया। 2021 में वह सेवानिवृत्त हुईं। उत्तराखंड में खुद भी डीएम रहीं और उससे पहले उनके पिता आरएस जौहरी भी डीएम रहे। उन्होंने काफी शोध के आधार पर उत्तराखंड के मंदिरों पर एक पुस्तक लिखी।
वर्ष 2022 में उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को पुस्तक भेंट की, तो उन्होंने सराहना की और ब्रजभूमि पर एक पुस्तक लिखने का सुझाव दिया। आराधना जौहरी ने वर्ष 2022 में ही पुस्तक लिखने का कार्य आरंभ किया। वह बताती हैं कि पुस्तक को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है।
पहले हिस्से में ब्रज का समृद्ध इतिहास है, भक्ति आंदोलन, संप्रदायों के बारे में जानकारी दी गई है, तो दूसरे हिस्से में श्रीकृष्ण की लीलाएं, उनके बारे में ऐतिहासिक जानकारियां हैं। इसमें कृष्ण के कान्हा से लेकर द्वारकाधीश बनने तक का सफर है।
तीसरे हिस्से ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग और कृष्ण लीला स्थलियां हैं। इसमें मंदिर, वन, उपवन, कुंड-सरोवर, गोवर्धन पर्वत के बारे में विस्तृत विवरण भी दिया गया है। वह कहती हैं कि पुस्तक लिखने से पहले काफी शोध किया गया।
