मथुरा, जासं। लोकसभा चुनाव में वेटेरिनरी कॉलेज के डाक्टरों की ड्यूटी लगा देने से पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पशुओं के इलाज के लिए ओपीडी और इमरजेंसी में चिकित्सक नहीं मिल पा रहे हैं।

यहां सबसे ज्यादा पारो वायरस से पीड़ित कुत्ते और थिलियोसिस नामक बीमारी से ग्रसित भैंस पहुंच रही हैं। स्टूडेंट्स के हवाले अस्पताल होने के कारण पशुओं को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। कइयों को वापस लौटना पड़ रहा है।

पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विवि और गो अनुसंधान संस्थान के कोठारी अस्पताल में प्रतिदिन 50 से 70 तक लोग अपने पशुओं के इलाज कराने पहुंचते हैं। 18 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए पहली बार यहां के चिकित्सकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इनमें तीन डीन डॉ. सतीश, डॉ. राजेश और डॉ. पीके शुक्ला, 12 एचओडी और प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंड प्रोफेसर सहित कुल सौ प्रोफेसरों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। इससे यहां क्लास तो ऑफ है हीं ओपीडी और इमरजेंसी भी प्रभावित हो रही है। पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विवि राज्य सरकार की स्वायत्तशासी संस्था है, चुनावों में हमेशा से यहां के प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसरों की ड्यूटी लगती रही है, यह कोई नई बात नहीं है, जहां तक काम प्रभावित होने की बात है, कोठारी अस्पताल में नियमित खुल रहा है और पशुओं का इलाज किया जा रहा है।

डॉ. मुकुल आनंद, जनसंपर्क अधिकारी

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