वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में अन्नकूट पर सजेगा अन्न का पर्वत, हलवा से बनेंगे राधा-श्याम कुंड
दीपावली के बाद वृंदावन के मंदिरों और घरों में अन्नकूट उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें ठाकुरजी को छप्पन भोग अर्पित किए ...और पढ़ें

वृंदावन का इस्कॉन मंदिर।
HighLights
इस्कॉन मंदिर में 10 नवंबर को सजेगा अन्न का पर्वत।
ठाकुरजी को छप्पन भोग और हरिनाम संकीर्तन से प्रसन्न करेंगे।
संवाद सहयोगी, वृंदावन। दीपावली के बाद को शहर के मंदिर, मठ और आश्रमों के साथ घर-घर में अन्नकूट उत्सव उल्लास पूर्वक जाएगा। सुबह से ही मंदिरों में हरिनाम संकीर्तन से वातावरण गूंजेगा और ठाकुरजी को अन्नकूट में छप्पन प्रकार के व्यंजन परोसे जाएंगे। शाम को गोबर के गिरिराजजी का पूजन कर ब्रजवासियों ने परिक्रमा करेंगे, प्राचीन सप्तदेवालयों में अन्नकूट उत्सव नौ नवंबर को मनाया जाएगा।
जबकि इस्काॅन मंदिर में दस नवंबर को अन्नकूट उत्सव श्रद्धाभाव के साथ मनाया जाएगा, उत्सव में देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने भगवान को भोग लगाया और नाम संकीर्तन पर जमकर नृत्य करेंगे। दीपावली के दूसरे दिन ब्रज में अन्नकूट उत्सव मंदिरों में मनाया जाता है। गौड़ीय संप्रदाय के सप्तदेवालयों में अन्नकूट उत्सव वर्षभर का सबसे बड़ा उत्सव होता है।
जबकि ठाकुरजी के समक्ष भोग में अन्न का पर्वत सजाया जाता है, इसमें छप्पन प्रकार के व्यंजन भोग में शामिल होते हैं। मान्यता है कि जब गिर्राज पर्वत भगवान श्रीकृष्ण ने उठाया तो सात दिनों तक भोग नहीं लगा और सात दिन के आठ प्रहर के भोजन ब्रजवासियों ने एकसाथ परोसे तो छप्पन प्रकार के व्यंजन ठाकुरजी को परोसे गए। तभी से अन्नकूट उत्सव की शुरूआत ब्रज में हुई।
इसमें वृंदावन के सप्तदेवालयों में दीपावली के दूसरे दिन, जबकि इस्कान मंदिर में अन्नकूट उत्सव 10 नवंबर को मनाया जाएगा। ऐसे में अन्नकूट उत्सव में इस्कान मंदिर के प्रांगण में अन्न का पर्वत बनाया जाएगा, छप्पन प्रकार के व्यंजन भी इस पर्वत पर सजाए जाएंगे, इसी में हलवा से राधाकुंड-श्यामकुंड के दर्शन भी करवाए जाएंगे।
इस्काॅन प्रवक्ता रविलोचन दास ने कहा मंदिर में अन्नकूट उत्सव उल्लास पूर्वक मनाया जाता है, मंदिर के प्रांगण में अन्न का बड़ा पर्वत बनाया जाएगा, अन्न का पर्वत बनाकर उसके चारों ओर राधाकुंड, श्यामकुंड, कुसुम सरोवर और ब्रजभानु कुंड स्थापित होंगे। अन्न के पर्वत पर गिर्राजजी स्थापित कर भक्तों ने वैदिक परंपरा के अनुसार विदेशी भक्त पूजन करेंगे और नाम संकीर्तन की धुन पर नृत्य करते नजर आएंगे।
जबकि राधादामोदर, राधारमण, राधाश्यामसुंदर, राधागोविद देव, गोपीनाथ, मदनमोहन व शाहजी मंदिर, सुदामा कुटी में ठाकुरजी का अन्नकूट उत्सव नौ नवंबर को मनाया जाएगा।
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