मथुरा, जासं। धान की रोपाई के लिए पानी की आवश्यकता के चलते दबंग किसान नहर, रजवाह या माइनर की पटरी को अवैध रूप से काट रहे हैं। इससे नुकसान यह हो रहा है कि पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। साथ ही दूसरे किसानों के खेत अनावश्यक रूप से जलमग्न हो रहे हैं। एक-दो मूसलाधार बारिश होते ही स्थिति और भी भयावह हो सकती है। इन सबके बावजूद सिचाई विभाग के अफसर और कर्मचारी पटरियों पर पेट्रोलिग तक नहीं कर रहे हैं। मंगलवार की रात को गांव उस्फार में किसानों ने मथुरा रजवाह की पटरी को काट दिया और घर चले गए। खेत लबालब हो गए, लेकिन पटरी को बंद नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पटरी बंद न करने से पानी गांव की तरफ बढ़ रहा है और एक-दो मूसलाधार बारिश हो गई तो पानी गांव के चारों तरफ भर जाएगा। ऐसी ही आशंका नगला माना के ग्रामीण भी जता रहे हैं। पटरियों कटाने को लेकर ग्रामीण किसानों को जितना जिम्मेदार बता रहे हैं, उतना ही दोषारोपण सिचाई विभाग के अधिकारियों पर किया जा रहा है। पिछले साल भी इसी तरह से खेत लबालब कर लिए थे। अचानक मूसलाधार बारिश हो गई और जलभराव हो गया। करीब सौ करोड़ रुपये की धान की फसल बर्बाद हो गई थी। -पटरियों की कटिग रोकने और अवैध कुलाबों को उखड़वाने के लिए मुख्य नहर से अभियान शुरू कर ़दिया गया है। मुख्य नहर के बाद रजवाह और फिर माइनरों पर कार्रवाई की जाएगी।

-एमएम सिंह, अधिशासी अभियंता अपर खंड आगरा कैनाल

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Posted By: Jagran