जागरण संवाददाता, मथुरा: एकतरफा प्रेम में पागल तहेरे भाई ने ही अपने चचेरे भाई को गला रेत कर मौत के घाट उतार दिया था। सात दिन की छानबीन और तहकीकात के बाद पुलिस ने मंगलवार को आटो चालक की हत्या के रहस्य की गुत्थी सुलझा दी। पति द्वारा पत्नी के साथ मारपीट किए जाने को आरोपित बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

थाना सदर बाजार क्षेत्र में 24 नवंबर को जवाहर बाग के जंगल में नैनापुरम निवासी आटो चालक लाखन सिंह की गला रेत कर हत्या की गई थी। वह 23 नवंबर की शाम को घर से लापता हो गए थे। लाखन सिंह के पिता ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया, आटो चालक लाखन हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए थाना सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक एमपी चतुर्वेदी को लगाया गया था। टाउनशिप तिराहे के पास से लाखन सिंह के ताऊ के पुत्र सूकी उर्फ चंद्रपाल निवासी दीपपुरम कालोनी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया, लाखन सिंह उसके चाचा का पुत्र है। दोनों के घर आसपास ही हैं। मृतक शराब पीता था। नशे में अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। कुछ दिन पहले लाखन अपनी पत्नी की पिटाई कर रहा था। उसने आपत्ति की। लाखन ने उससे अभद्रता कर दी। इसलिए उसने लाखन की हत्या करने की ठान ली। लाखन को उसने शराब लाने के पैसे देकर जवाहरबाग के जंगल में बुला लिया। शराब पीने के बाद लाखन नशे में हो गया, तभी उसने गला काटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह स्वजन के साथ लाखन को खोजने का नाटक करता रहा। थाना सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक एमपी चतुर्वेदी ने बताया, आरोपित मृतका की पत्नी से एकतरफा प्रेम करता था। इसलिए वह उसके साथ होने वाली मारपीट को बर्दाश्त नहीं करता था। लाखन द्वारा अपनी पत्नी की पिटाई किए जाने पर आरोपित ने विरोध किया था। तभी दोनों के बीच में कहासुनी हुई थी। आरोपित को जेल भेजा गया और हत्या में प्रयोग किया आलाकत्ल बरामद कर लिया गया।

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