CBSE: 9वीं में केमिकल बांडिंग, 11वीं में स्टैंडर्ड साइंस पढ़ाने की तैयारी, NEET व JEE में मिलेगी मदद
सीबीएसई कक्षा 9 की विज्ञान की पढ़ाई को अब कक्षा 11 के विषयों से जोड़ा जा रहा है, जिससे छात्रों ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
नौवीं विज्ञान को ग्यारहवीं के विषयों से जोड़ा जा रहा है
छात्रों को NEET और JEE परीक्षाओं में मिलेगी मदद
मजबूत अकादमिक नींव तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है
जागरण संवाददाता, मथुरा। सीबीएसई की नई शैक्षणिक व्यवस्था में कक्षा नौ की विज्ञान की पढ़ाई को आगे की कक्षाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों को कक्षा नौ में ही ऐसे वैज्ञानिक कांसेप्ट पढ़ाए जा रहे हैं, जो आगे कक्षा 11 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलाजी की पढ़ाई में उपयोगी साबित होंगे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कक्षा नौ में ही कक्षा 11 का पूरा सिलेबस पढ़ाया जाएगा।
आगे की पढ़ाई की मजबूत नींव तैयार करने के लिए इन टॉपिक्स को शामिल किया गया है। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी और नीट व जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी आसानी होगी। सीबीएसई में पहले ही बेसिक और स्टैंडर्ड गणित का कोर्स लांच किया जा चुका है। अब इसे विज्ञान में लागू करने की तैयारी है।
स्टूडेंट्स को जेईई व नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
सीबीएसई की नई व्यवस्था में कांसेप्ट बेस्ड लर्निंग और आगे की कक्षाओं के लिए मजबूत अकादमिक फाउंडेशन तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। कक्षा नौ के विद्यार्थियों को मूल कांसेप्ट अच्छी तरह समझाने से कक्षा 11 की विज्ञान की पढ़ाई में मदद मिल सकती है। विज्ञान में मोशन, वेलोसिटी और इलेक्ट्रोस्टैटिक्स जैसे टॉपिक्स के कांसेप्ट कक्षा 11 में काइनेमेटिक्स के तहत विस्तार से पढ़ाए जाते हैं।
विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं से जोड़ेगा नौवीं का सिलेबस
कक्षा नौ में वर्क और एनर्जी से जुड़े कांन्सेप्ट भी विद्यार्थियों को आगे की फिजिक्स की पढ़ाई के लिए तैयार करते हैं। इसी तरह केमिस्ट्री में कक्षा नौ के विद्यार्थियों को परमाणु की संरचना, तत्व, यौगिक और आवर्त सारणी जैसे कांसेप्ट की बुनियादी समझ दी जाती है। इससे वे रासायनिक बंधन, अम्ल-क्षार, लवण तथा धातु-अधातु जैसे विषयों को आगे की कक्षाओं में अधिक गहराई से समझ सकेंगे।
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कांसेप्ट की स्पष्ट समझ और मजबूत आधार जरूरी
फिजिक्स के अन्य कांसेप्ट, जैसे इलेक्ट्रिक करंट और वोल्टेज के मूल सिद्धांतों को समझने में मदद करते हैं। नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं में सीबीएसई के विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी रहती है। इन परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए कांसेप्ट की स्पष्ट समझ और मजबूत आधार जरूरी है। वहीं, एनसीईआरटी और अन्य राष्ट्रीय बोर्डों के मुकाबले सिलेबस व परीक्षा पैटर्न में अंतर के कारण विद्यार्थियों को तैयारी के दौरान अलग-अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर शैलेंद्र सिंह ग्रेवाल ने बताया कि नए सिलेबस प्रक्रिया चल रही है। कुछ विद्यालयों ने अभ्यास के लिए पढ़ाई भी शुरू करा दी है।
