जागरण संवाददाता, मथुरा: पूर्व प्रधान सरमन की हत्या का बदला लेने के लिए उनके बेटों और भतीजे ने कर्मवीर की हत्या कराई थी। कर्मवीर की हत्या के लिए 17.5 लाख रुपये की सुपारी दी गई। घटना को अंजाम देने वाले सात आरोपितों को छाता पुलिस और स्वाट ने रविवार को गोहारी मोड़ पर असर फैक्ट्री के निकट पकड़ा है।

पूर्व प्रधान गुहारी निवासी सरमन की 13 जनवरी को हत्या हुई थी। इनमें कर्मवीर और राधाचरण निवासी गुहारी सहित करीब आधा दर्जन आरोपित गिरफ्तार हुए थे। इधर, कर्मवीर को 16 अगस्त को छाता न्यायालय में पेशी से आते समय न्यायिक अभिरक्षा में गोली मार दी थी। 28 अगस्त को जयपुर में मौत हो गई थी।

एसपी आरए आदित्य कुमार ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि रविवार की सुबह हत्या के सात आरोपितों को असर फैक्ट्री के निकट गुहारी मोड़ से पुलिस और स्वाट ने पकड़ लिया। आरोपितों ने पुलिस पर फायर करने का प्रयास किया। पकड़े गए आरोपित रामवीर निवासी धर्मनगर कोसीकलां, गो¨वद निवासी रिठौरी थाना कुम्हेर भरतपुर राजस्थान, शिवा निवासी रामशबाद गली नंबर तीन पलवल ने घटना को अंजाम दिया था। जबकि पूर्व प्रधान सरमन के बेटे और छाता के ब्लॉक प्रमुख महेंद्र, ऊधम, गजेंद्र और भतीजे ज्ञानो उर्फ ज्ञानेंद्र ने षड्यंत्र रचा था। एक आरोपित अजीत निवासी जाव, कोसीकलां फरार है। आरोपितों से तीन तमंचा, कारतूस बरामद हुए है। सीओ चंद्रधर गौड़ मौजूद थे। 35 लाख में होनी थी हत्या:

आरोपितों ने बताया कि कर्मवीर और राधाचरण की 35 लाख में हत्या होनी थी। कर्मवीर की हत्या के लिए 15 लाख रुपये मिल गए थे। रविवार को आरोपित बचे ढाई लाख रुपये लेने आए थे। आरोपित ज्ञानेंद्र ने बताया कि मौसी के लड़के अजित ने रामवीर, गो¨वद, शिवा से मुलाकात कराई थी। सौदा महेंद्र, ऊधम, गजेंद्र के सामने हुआ। ये रहे टीम में:

छाता प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप ¨सह, एसआइ रोहित कुमार, स्वाट प्रभारी प्रदीप कुमार, एसआइ सुल्तान ¨सह, कांस्टेबल गोपाल ¨सह, अवनीश, लोकेश, सुरेंद्र, आर्यन दुबे ने गिरफ्तारी की।

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