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बांकेबिहारी मंदिर में रिकॉर्ड चढ़ावा, ढाई महीने में 6 करोड़ पार; कमेटी का कदम लाया रंग

By Vipin Parashar Edited By: Prateek Gupta
Published: Wed, 04 Nov 2026 02:50 PM (IST)

वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद व्यवस्था में सुधार से चढ़ावे में रिकॉर्ड वृद्धि हुई ...और पढ़ें

बांकेबिहिारी मंदिर में दर्शन को उमड़ी भीड़।

बांकेबिहिारी मंदिर में दर्शन को उमड़ी भीड़।

संवाद सहयोगी, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी की लीला निराली है तो उनके भक्त भी आराध्य की सेवा को हमेशा उतावले रहते हैं। आराध्य को अपना तन, मन और धन अर्पित करने में कमी नहीं छोड़ना चाहते। लेकिन, ठाकुरजी की सेवा में समर्पित चढ़ावा में ऐसी वृद्धि हुई कि एक रिकार्ड बनने जा रहा है। इसका श्रेय ठाकुरजी के भक्तों को तो जाता ही है।

सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश ने चढ़ावे में नया कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा को उस समय बल दिया। जबकि मंदिर की गुल्लक पर अतिक्रमण को हटाने के लिए सेवायतों के सेवादारों को हटाने के साथ मंदिर के भंडारियों की संख्या भी नियत करने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने जारी कर दिए। समिति ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को धरातल पर उतारा तो इसका सीधा असर मंदिर की गुल्लक में पहुंचे भक्तों के चढ़ावे को देखने से मिला।

पिछले ढाई महीने की खुल रहीं गुल्लक में अब तक 29 गुल्लकों के चढ़ावे की गिनती हुई है, इसमें 6 करोड़ लगभग 8 लाख रुपये मंदिर कोष में जमा हो चुके हैं। जबकि दो गुल्लक अभी खुलना बाकी है। इन दो गुल्लक में भी समिति को लगभग चालीस लाख रुपये के आसपास का चढ़ावा निकलने की उम्मीद है।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सुप्रीम कोर्ट ने उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति का गठन किया। समिति में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार को अध्यक्ष, जबकि पदेन जिलाधिकारी को सचिव नियुक्त किया। समिति ने कार्यभार संभालने के बाद से ही मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव शुरू किए। इसका असर धरातल पर अब दिखाई देने लगा है।

पिछले 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में मंदिर के भंडारियों की संख्या दो निर्धारित कर निर्देश दिए कि भंडारी केवल माला और प्रसाद ही भक्तों से लेंगे, चढ़ावा सीधे गुल्लक में जाएगा। जबकि कुछ लोगों द्वारा मंदिर की गुल्लक पर अतिक्रमण किया गया था, इसे हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर समिति ने मंदिर प्रांगण में मौजूद सेवादारों, अवांछनीय तत्वों को गुल्लक से दूर कर दिया।

जिसका असर धरातल पर देखने को मिल भी रहा है। मदिर में ढाई महीने की गुल्लक में पिछली बार 4 करोड़ 90 लाख रुपये सर्वाधिक निकले थे। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब कड़ाई शुरू हुई तो इस बार ढाई महीने का चढ़ावा छह करोड़ के पार पहुंच चुका है, अभी दो गुल्लक खुलना बाकी हैं।

मंदिर प्रांगण में कुछ लोग गुल्लक पर अतिक्रमण करके रखते थे और भंडारियों के बारे में भी चढ़ावे को लेकर कई शिकायतें समिति को मिली थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भंडारियों का चढ़ावा लेने पर प्रतिबंध लगाने व गुल्लक से अतिक्रमण हटाने का सीधा लाभ मंदिर को मिला है। अब तक का सबसे अधिक चढ़ावा ढाई महीने में मंदिर के कोष में जमा हो रहा है। पिछले ढाई महीने में अब तक खुली 29 गुल्लक में 6 करोड़ लगभग आठ लाख रुपये जमा हो चुके हैं, अभी दो गुल्लक खुलनी बाकी हैं।

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-अशोक कुमार, अध्यक्ष: उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति।

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