विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

धीरेंद्र शास्त्री को लेकर संत समाज में आक्रोश; श्रीकृष्ण को कहा टेढ़ा...सोशल मीडिया पर ट्रोल

By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
Published: Mon, 02 Nov 2026 11:12 PM (IST)

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री के भगवान राम और कृष्ण पर दिए गए बयान से वृंदावन के संत ...और पढ़ें

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।

संवाद सहयोगी, वृंदावन। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री ने व्यासपीठ से भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण में भेद करते हुए कहा भगवान श्रीराम सीधे हैं और वे धनुष चलाते हैं। लेकिन, श्रीकृष्ण तो पूरी तरह टेड़े हैं और वंशी बजाते हैं, वंशी बजाना तो खेल है। लेकिन, धनुष चलाना खेल नहीं। अयोध्या का नाम भी सीधा है, जबकि वृंदावन का नाम ही अनोखा है।

आचार्य धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री की टिप्पणी जब सोशल मीडिया में प्रसारित हुई तो वृंदावन के संतों में आक्रोश उत्पन्न हो गया। संतों का कहना है अगर उन्होंने मजाक में ये शब्द बोले हैं तो कोई बात नहीं। लेकिन, व्यासपीठ इस इस प्रकार का ठाकुरजी में भेद करना औचित्यहीन है, उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए।

आचार्य धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी को लेकर महांत फूलडोलबिहारी दास ने स्पष्ट कहा कि अगर उन्होंने मजाक में कहा है तो कोई नहीं। लेकिन, अगर जानबूझकर व्यासपीठ से ये बात कही है तो उचित नहीं। पैसा आ जाना और तंत्र मंत्र सीख लेने से कोई संत नहीं हो जाता। वे क्या जानते हैं भागवत के बारे में? उन्हें क्षमा मांगनी चाहिए। नहीं तो वृंदावन में उनका प्रवेश बंद हो जाएगा।

शंकराचार्य परंपरा के दंडी स्वामी रामदेवानंद सरस्वती ने कहा कि आचार्य धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री क्या कहते हैं उनकी बात पर कुछ भी बोला उचित नहीं। जिस व्यक्ति को हम कोई महत्व ही नहीं देते, हम शंकरार्चा परंपरा के संत हैं, उसकी बात पर हम कुछ बोलना ही नहीं चाहते। जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी नवल गिरि ने कहा आचार्य धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री का बयान हमने भी सोशल मीडिया पर सुना है।

इसमें मेरा मानना है किसी कथाकार, संत को किसी भी भगवान की तुलना नहीं करनी चाहिए। जो राम और कृष्ण का है वही भारत का है। राम भी वही हैं और कृष्ण भी वही हैं। राम और कृष्ण में भेद करने वाला कथाकार व भारत का नागरिक नहीं हो सकता है, वह साधु भी नहीं हो सकता। जिसने रामकृष्ण में भेद कर दिया, उनके बारे में विचार करना चाहिए।

हो सकता है उन्होंने मजाक में कहा हो, हम उनसे बात करेंगे, ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। भगवान श्रीराम ही कृष्ण के रूप में पैदा हुए। पहले वे पूरी तरह अध्ययन करें, तब कोई बात करें। मेरे राम ने भी धनुष उठाया और कृष्ण ने भी वृंदावन के ज्ञानुगदड़ी स्थित तुलसीराम दर्शन स्थल में भगवान श्रीकृष्ण ने धनुर्धारी बनकर तुलसीदास को श्रीराम के रूप में दर्शन दिए, उन्होंने धनुष उठाया तो चक्र भी चलाया है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।