जागरण संवाददाता, मथुरा: मुड़िया पूर्णिमा के मेले में करोड़ों लोगों का हुजूम उमड़ने को है। तीस जून से चार जुलाई तक चलने वाले इस मेले के दौरान शहर के होटलों में कमरों का टोटा पड़ जाएगा। परिक्रमा के लिए आने वालों में से हजारों को रुकने की जगह न मिलने के चलते खुले आसमान में सोना पड़ता है। प्रशासन के पास दो गेस्ट हाउस है जो अनदेखी के चलते बंद पड़े हुए हैं।

पर्यटन निगम द्वारा गोवर्धन के राधाकुंड और बरसाना में बने गेस्ट हाउस में दस-दस कमरे बने हुए है। जो पिछले पांच सालों से बंद पड़े हुए हैं। प्रशासन हर साल हजारों लोगों को खुले आसमान के नीचे सोता देखता है, लेकिन ध्यान इन बंद पड़ी इकाईयों पर नहीं जाता है। इन दोनों यूनिटों पर कोई कर्मचारी नहीं रहता है। गत माह पर्यटन निगम के जेएमडी रमेश मिश्रा ने जनपद का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने राधा कुंड गोवर्धन की इकाई का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में गेस्ट हाउस पर तैनात कर्मचारी नदारद मिला था। जेएमडी ने कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, जो हवा में उड़ गए। बरसाना इकाई के कर्मचारी को तो वहां के लोगों ने कई महीनों से नहीं देखा है।

इन बंद पड़ी इकाईयों को प्रशासन पहल करके यदि शुरू करवाता है, तो मुड़िया पूर्णिमा के मेले में कुछ लोगों को तो राहत मिल ही सकती है।

गोवर्धन गेस्ट हाउस पर कब्जे का खतरा

पर्यटन निगम के गोवर्धन गेस्ट हाउस पर कब्जे के बादल मंडरा रहे हैं। गेस्ट हाउस पर चौकीदार न रहने के कारण यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है। प्रत्यक्षदर्शियों की यदि माने तो जुएं के दांव से लेकर नशे के कश तक यहां सब कुछ होता है। प्रशासन ने इस पर यदि शीघ्र कोई गंभीर कदम नहीं उठाया तो यह इकाई बदमाशों के क4जे में आ सकती है।

बरसाना की इकाई हो रही खंडहर

बरसाना का टूरिस्ट बंगला रख रखाव के अभाव में जर्जर होता जा रहा है। इसकी कई दीवार गिरासू हो गई है। तो आस पास झाड़ उग आए है। कर्मचारी के न रहने के कारण यहां गंदगी का साम्राज्य स्थापित हो चुका है।

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