बिछवां, संसू : तमाम प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद करीमगंज गांव में बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार को एक और युवक की मौत हो गई। बुखार के रोगियों के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने आक्रोश व्यक्त किया। गांव में मरीजों का हाल जानने के लिए सदर विधायक ने पहुंचकर ग्रामीणों को जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही प्रशासनिक इंतजामों की पड़ताल की।

करीमगंज गांव में बुखार से मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। कई ग्रामीणों में डेंगू के लक्षण बताए जा चुके हैं। तीन मरीजों की प्राथमिक स्तर की जांच में डेंगू की आशंका सामने आई थी। शनिवार को बुखार से पीड़ित युवक नंदराम की मौत हो गई। इससे बुखार पीड़ित मरीजों में दहशत की स्थिति है। अब तक गांव में 11 लोग खतरनाक बुखार से जान गवां चुके हैं। मौत की जानकारी मिलने के बाद सपा विधायक राजकुमार यादव ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के लिए बनाए गए अस्थाई अस्पताल का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात की। उन्होंने ग्रामीणों को सैनिटाइजर, मास्क आदि का भी वितरण कराया।

दोपहर में एसडीएम सदर ऋषीराज, इंस्पेक्टर बिछवां नरेंद्र पाल सिंह गांव में पहुंचे और यहां ग्रामीणों के इलाज का जिम्मा संभाल रहे एमओआईसी कुचेला डॉ. पपेंद्र कुमार से जानकारी जुटाई। एमओआईसी के नेतृत्व में शनिवार की दोपहर टीम बुखार पीड़ित मरीजों की सेहत को सुधारने के लिए जुटी रही। बॉक्स

रात में लापरवाही बरत रहे स्वास्थ्यकर्मी

करीमगंज गांव के ग्रामीणों के मुताबिक डीएम के निर्देश के बावजूद स्वास्थ्यकर्मी लापरवाही बरत रहे हैं। रात में रुकने वाली टीम के ज्यादातर सदस्य अस्थाई अस्पताल में लोगों को इलाज नहीं दे रहे हैं। कई स्वास्थ्यकर्मियों का गैर जिम्मेदाराना रवैया मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बीती रात एक स्वास्थ्यकर्मी ने नशे की हालत में बुखार पीड़ित मरीज का इलाज करने का प्रयास किया। ग्रामीणों के विरोध के बाद संबंधित स्वास्थ्यकर्मी वहां से चला गया।

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