जासं, मैनपुरी : कोरोना का संक्रमण भले ही कम हो रहा हो, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। चौबीस घंटे में संक्रमण की चपेट में आने से नवजात और एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। वहीं 29 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

पिछले कुछ दिन से कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमी हुई है। ठीक होने वालों की संख्या ज्यादा है। चौबीस घंटे में जिले में 3200 लोगों की एंटीजेन और आरटी-पीसीआर जांच कराई गईं। मंगलवार की शाम आई रिपोर्ट में 29 लोगों में संक्रमण मिला है। सभी संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रखकर उनकी मानीटरिग कराई जा रही है। वहीं सुल्तानगंज क्षेत्र के गांव एमनीखेड़ा निवासी प्रेमा देवी (85) को सैफई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। मंगलवार को उनकी मौत हो गई। दन्नाहार निवासी सरस्वती की चार दिन की मासूम बेटी भी कोरोना संक्रमण से पीड़ित थीं। उपचार के दौरान मासूम की भी मौत हो गई। चौबीस घंटे में 107 मरीजों को ठीक होने के बाद होम आइसोलेशन से बाहर आने की अनुमति मिली है। जिले में अब सक्रिय मरीजों की संख्या 368 रह गई है। सीएमओ डा. पीपी सिंह का कहना है कि सभी होम आइसोलेट मरीजों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। दहेज हत्या में दोषी पति को 10 साल की सजा

जासं, मैनपुरी: करीब साढ़े चार साल पहले दहेज के लिए विवाहिता की हत्या करने के मामले में दोषी पति भूपेंद्र निवासी गांव जसरथपुर थाना भोगांव को फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक की न्यायाधीश निधि ने दस साल के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं आरोपित ससुर कृष्ण मुरारी और सास शांति देवी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार भूपेंद्र का विवाह 13 जुलाई, 2016 को माधुरी के साथ हुआ था। एक साल बाद 13 जुलाई 2017 को माधुरी की मौत हो गई। माधुरी के पिता श्याम बाबू ने पति, सास, ससुर पर दहेज में बाइक और जंजीर मांगने और मांग पूरी न होने पर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने निर्णय सुनाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी मुकुल रायजादा ने की। डायरिया और बुखार के रोगियों की बढ़ी संख्या

जासं, मैनपुरी: सर्द मौसम में लोग बीमार पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में प्रतिदिन दर्जनभर मरीज उल्टी, दस्त और बुखार के पहुंच रहे हैं। ओपीडी का हाल भी लगभग ऐसा ही है। वरिष्ठ फिजीशियन डा. जेजे राम का कहना है कि सर्दी में सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे डायरिया की चपेट में आ जाते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन लगभग आधा सैकड़ा से ज्यादा मरीज पेट दर्द और दस्त की समस्या लेकर आ रहे हैं। लगातार उपचार के दो या तीन दिनों में ऐसे मरीजों को राहत मिल जाती है, लेकिन कई बार लापरवाही करने पर समस्या बढ़ जाती है जो जानलेवा भी साबित हो सकती है।

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