जासं, मैनपुरी : चौबीस घंटे की राहत के बाद बुखार ने फिर दो जिदगियों को लील लिया। शहर और बेवर में दो युवकों की बुखार की वजह से मौत हो गई, जबकि सैकड़ों की संख्या में बुखार पीड़ित अस्पतालों में अपना उपचार करा रहे हैं। चौबीस घंटे में फिर से 15 नए मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। ऐसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या आधा सैकड़ा का आंकड़ा पार कर गई है।

जिले में बुखार से स्थिति बिगड़ती जा रही हैं। शहर की गिहार कालोनी निवासी सोनू (30) पुत्र मिजाजी लाल कुछ दिनों से बुखार से बीमार थे। बुधवार की सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी तो स्वजन इमरजेंसी लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। कस्बा बेवर के इटावा रोड निवासी अंशुल यादव (19) पुत्र संजीव सिंह को 15 दिन से बुखार आ रहा था। स्वजन निजी चिकित्सक से उपचार दिला रहे थे। बाद में मोहम्मदाबाद और फिर नोएडा ले गए थे, जहां इलाज के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गई।

बुधवार को 15 नए मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण की पुष्टि हुई है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन साफ इनकार कर रहा है कि उनके यहां डेंगू का कोई मरीज नहीं है, लेकिन मरीजों को उपचार डेंगू का ही दिया जा रहा है। गांवों में ज्यादा मरीज

ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक बुखार के मरीज हैं। जानकारी उस वक्त होती है जब किसी की मौत हो जाती है। असल में गांवों में मरीज ज्यादातर झोलाछाप या निजी चिकित्सकों से ही उपचार लेते हैं। स्वास्थ्य विभाग या निगरानी समिति द्वारा अपनी तरफ से ऐसी कोई जानकारी नहीं जुटाई जा रही है कि किन गांवों में बुखार है या नहीं है। शहर में आवास विकास कालोनी, देवी रोड, राजीव गांधी नगर, देवपुरा, पुरानी मैनपुरी, रामलीला मैदान, आश्रम रोड में भी बुखार के कई मरीज मौजूद हैं। लार्वा मिलने पर दिए नोटिस

बुधवार को जिला एपिडेमिक अधिकारी डा. अनिल यादव और प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी एसएन सिंह के नेतृत्व में शहर में जलभराव वाले क्षेत्रों में पहुंचकर स्थलों की जांच की गई। टायरों का कारोबार करने वालों के मकानों या छतों की जांच में कई पुराने टायरों में मच्छरों के लार्वा मिले। सभी जगह पर पानी को खाली कराकर लार्वा को मार दिया गया। दवा का छिड़काव कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि दर्जन भर लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी को तीन दिनों का अल्टीमेटम देकर स्वयं ही बेहतर प्रबंध कराने को कहा गया है। यदि फिर भी लापरवाही मिलती है तो एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। बुखार के हर एक मरीज को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। गांव-गांव जाकर सर्वे कराया जा रहा है। मरीजों को उपचार देने के साथ उनके स्वजन से भी फीडबैक ले रहे हैं। स्थिति काबू में है। जिन गांवों में हालात चिताजनक थे, अब सभी के प्रयास से वहां मरीज लगभग कम हो चुके हैं।

डा. पीपी सिंह, सीएमओ।

Edited By: Jagran