जासं, मैनपुरी: आंधी और बारिश के बाद चरमराई विद्युत व्यवस्था तीन दिनों के बाद भी पटरी पर न लौट सकी। जैसे-तैसे लाइन जोड़ी कि पावर हाउस क्षेत्र में भूमिगत लाइन में बड़ा फाल्ट होने से शहर दोबारा अंधेरे में डूब गया। आधी रात तक खुद विभागीय अधिकारी फाल्ट सुधारने में जुटे रहे। लगभग छह घंटों की मशक्कत के बाद सप्लाई चालू की जा सकी।

शनिवार को दोपहर में अवध नगर कालोनी में भूमिगत लाइन में हुए फाल्ट के कारण अवध नगर, वंशीगौहरा और पंजाबी कालोनी के बड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। विभागीय टीमों द्वारा फाल्ट की तलाश की जा रही थी कि तभी अचानक पावर हाउस क्षेत्र में एक अन्य फाल्ट ने आवास विकास कालोनी, बैंक कालोनी, स्टेशन रोड, हरिदर्शन नगर, भांवत चौराहा, राधारमन रोड, रेलवे स्टेशन रोड और देवपुरा को अंधेरे में झोंक दिया।

आधा शहर अंधेरे में डूबने के बाद फाल्ट को तलाशने के लिए विभागीय टीमें हरकत में आ गईं। समस्या बढ़ती देख अधीक्षण अभियंता अतुल अग्रवाल और अधिशासी अभियंता मागेंद्र अग्रवाल खुद मैदान में उतरे। रात लगभग नौ बजे फाल्ट तलाशा जा सका। देर रात लगभग एक बजे सप्लाई चालू की गई, लेकिन आपूर्ति ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। रुक-रुककर रातभर बिजली की आंख-मिचौनी होती रही। सूचना न मिलने से बढ़ी लोगों की मुश्किल

बिजली विभाग का सिस्टम बेहद खराब है। न तो फाल्ट की सूचना लोगों को दी जाती है और न ही किसी बडे़ ब्रेकडाउन की। शनिवार को भी लोगों द्वारा लगातार विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से समस्या के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया जाता रहा, लेकिन अधिकारियों द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। इससे लोगों में विभागीय मनमानी के खिलाफ रोष बढ़ रहा है। टीम लगातार फाल्ट को दुरुस्त करने में जुटी थी। सामूहिक प्रयासों से फाल्ट दुरुस्त हो गया है। कोशिश है कि लोगों को दोबारा परेशानी का सामना न करना पडे़।

अतुल अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता।

Edited By: Jagran