संसू, बिछवां: दो सप्ताह पहले क्षेत्र के एक गांव से गायब हुई किशोरी का अपहरण नहीं हुआ, बल्कि वह खुद ही हीरोइन बनने के लिए घर से भागी थी। पुलिस ने किशोरी को गुजरात से बरामद कर लिया। उसने अपने भागने की कहानी पुलिस को सुनाई है।

थाना बिछवां क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 13 अक्टूबर को रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन किशोरी के पिता ने उसके गायब होने की रिपोर्ट थाना बिछवां में दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोरी की तलाश शुरू की। पता लगाने के लिए उसके मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन गुजरात में होने की जानकारी सामने आई। तीन दिन पहले पुलिस की एक टीम गुजरात रवाना हुई। सूरत स्थित एक मंदिर के पास किशोरी बैठी मिली, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। किशोरी को थाने पर लाया गया। उसने बताया कि वह हीरोइन बनना चाहती थी। परिवार वालों को बताती तो जाने नहीं देते, इसलिए बिना बताए चली गई थी।

घर से भागने के बाद किशोरी कहां रही। उसे किन मुसीबतों का सामना करना पड़ा, मुंबई के बजाय सूरत क्यों गई, हीरोइन क्यों नहीं बन सकी, इन सवालों पर किशोरी चुप्पी साध गई। किशोरी को बरामद करने वाले उप निरीक्षक अतिवीर सिंह ने बताया कि किशोरी से पूछताछ की जा रही है।

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