जासं, मैनपुरी: जिले में मिलावट का खेल खत्म नहीं हो पा रहा है। यह बात खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा भरे गए सैंपल की रिपोर्ट से पुष्ट हुई है। सरसों के तेल में अन्य तेल की मिलावट हो रही है तो पनीर बिना फैट के ही बेचा जा रहा है। अचार भी मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने ऐसे कारोबारियों के खिलाफ एडीएम वित्त कोर्ट में वाद दायर किए हैं।

इनके नमूनों में मिली मिलावट-

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शहर के मुहल्ला गाड़ीवान से आशीष जैन के यहां से सूजी का नमूना लिया था, जो जांच में अद्योमानक मिला। शहर के बड़ा चौराहा स्थित रामिकशोर के यहां से भरा गया अचार भी अद्योमानक साबित हुआ। कुरावली के घिरोर रोड स्थित राजेश गुप्ता के यहां से लिए गए सरसों तेल में तो दूसरे तेल की मिलावट साबित हुई है। नगला पाली बेवर के सुनील कुमार के यहां से भरे गए पनीर में तो फैट ही नहीं निकली। शहर के बैंक कालोनी स्थित मनोज गुप्ता की नमकीन भी अद्योमानक साबित हुई है। शहर के करहल चौराहा स्थित अमित राजपूत की लौंच में कलर मिला पाया गया। वहीं मंडी झम्मन के विनोद कुमार की बूरा-बतासा की पैकिग खराब मिली है।

इन पर दायर हुए वाद

बड़ा बाजार करहल के अरविद कुमार गुप्ता, रामनगर किशनी के विकास गुप्ता, शहर के यादव नगर के नागेंद्र पाल, ग्वाल टोली के आदेश कुमार, देवी रोड के विकास यादव और ग्वाल टोली के सोनू यादव।

विभाग खाद्य पदार्थाें में मिलावट रोकने को लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मिलावट करने वालों पर वाद दायर करवाए जाते हैं, जुर्माना भी होता हैं।

- डा. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी।

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