मैनपुरी: ई-रिक्शा और ऑटो संचालक ने खुलेआम यात्रियों की जेब पर डाका डालना शुरू कर दिया है। वह भी जिलाधिकारी के नाम पर। ताकि यात्री से लेकर कोई अन्य विरोध न कर सके। जिलाधिकारी प्रदीप कुमार का कहना है कि ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है। मामले में कार्रवाई के लिए कहा है।

शहर के ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने जिलाधिकारी और पालिका प्रशासन का आदेश बताते हुए वाहनों पर नई किराया सूची चस्पा कर ली है। इस संबंध में एक अक्टूबर को ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने क्रिश्चियन मैदान में बैठक की थी। अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही अभी तक सूची वाहनों से हटवाई है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

'बड़ी संख्या में ई-रिक्शा अवैध ढंग से संचालित हो रहे हैं। इन्हें किराए में बढ़ोतरी करने का कोई अधिकार नहीं है। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।'

डॉ. कौशलेंद्र कुमार, प्रवर्तन अधिकारी, मैनपुरी। 'नगर पालिका ने किसी भी प्रकार का किराया नहीं बढ़ाया है। यह ऑटो चालकों की मनमानी है। परिवहन विभाग को इसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।'

रामअचल, कर अधीक्षक, नगर पालिका परिषद, मैनपुरी। 'सिर्फ ऑटो के लिए नियम है कि वे तीन रुपये प्रति किमी की दर से ही यात्रियों से किराया ले सकते हैं। वहीं 500 मीटर से ज्यादा और एक किमी से कम की दूरी पर 2.50 रुपये लिए जा सकते हैं। ई-रिक्शा तो किसी भी प्रकार का किराया नहीं बढ़ा सकते क्योंकि वे न तो डीजल से चलते हैं और न ही सीएनजी से। कार्रवाई कराई जाएगी।'

राजेश कर्दम, उप संभागीय प्रवर्तन अधिकारी, मैनपुरी।

Posted By: Jagran

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