यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
समुचित प्रबंधन से मिलेगा बेहतर फसल उत्पादन
पीएम किसान सम्मान निधि नहीं मिल रही है। टमाटर की पौध में सफेद कीट लग गए हैं। गेहूं फसल से ...और पढ़ें

जासं, मैनपुरी: पीएम किसान सम्मान निधि नहीं मिल रही है। टमाटर की पौध में सफेद कीट लग गए हैं। गेहूं फसल से बेहतर उत्पादन लेने को क्या करना होगा, लहसुन और आलू फसल में खरपतवार हो गई है। कुछ ऐसे ही सवालों का जवाब बुधवार को दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित प्रश्न पहर कार्यक्रम में आए जिला कृषि अधिकारी डा. सूर्य प्रताप सिंह ने दिये। साथ ही उन्होंने किसानों को उपाय भी बताए। -किसान सम्मान निधि नहीं है। डाटा भी सही कराया गया है, अब इसके बारे में कैसे पता चलेगा। विशाल चतुर्वेदी, सांडा, सुल्तानगंज।
- एक बार डाटा पोर्टल पर भी चेक कर लें। दिसबंर में पीएम किसान निधि नहीं मिले तो बताएं। उप निदेशक कार्यालय आकर इसका निदान कराएं। - एक माह पहले आलू बोआई की गई थी। अब खरपतवार हो गई है।
रघुराज, कीरमपुर, जागीर।
-बोआई से पहले ही दवा का इस्तेमाल करना था। अब प्रोपेनिन का छिड़काव करें। -गेहूं फसल की ज्यादा पैदावार के लिए कौन सी प्रजाति बो सकते हैं।
राधारमण मिश्र, अजीतगंज।
- यह बोआई का सही समय है। एचडी 3086 और एचडी 2967 सबसे बेहतर है, इसमें रोग कम लगते हैं। बीज राजकीय कृषि भंडार से लें, मूल्य का 50 फीसद अनुदान मिलेगा। लेट के लिए तो तमाम प्रजाति हैं। - लहसुन की फसल बोई थी, कम उत्पादन होने के आसार दिख रहे हैं।
श्याम दुबे, विरतिया, कुसमरा।
- बेहतर उत्पादन के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं फसल प्रबंधन और समय से सिचाई। फसल को पोषक तत्व दें। कीड़े तो नहीं लगे हैं, देख लें। इसका निदान कराया जा सकता है। - पपीता के पौध लगाए थे, अब बड़े होने से पहले ही फल गिर जाते हैं।
राजीव यादव, औंछा।
- कीट तो नहीं लगे हैं, यह देख लें। पौधों को बौरान दें, एक पौधे को एक से तीन ग्राम तक बौरान दिया जा सकता है।
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- टमाटर की खेती की है, फूल झड़ रहे हैं। कोई निदान बताएं।
रूचि, बेवर।
- यह फुदका रोग हो सकता है। कीट रस चूसते हैं। इसके लिए इमीडाक्लोरोप्रिड 150 एमएल को पानी में घोलकर एक हेक्टेयर में छिड़क दें। - कई दुकानदार अभी भी डीएपी को तय कीमत से अधिक पर बेच रहे हैं।
उपेंद्र मिश्रा, परिगवां, जागीर।
- विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। यदि कोई दुकानदार ज्यादा कीमत लेता है तो मोबाइल नं. 7839882674 और फोन नं. 05672-234724 पर संपर्क कर सकते हैं। कृषि विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर आएंगे। जागरण के सवाल - किसान को कैसे घर बैठे ही फसल रोग और कीटों की जानकारी कैसे हो सकती है।
- आज हर किसी के पास स्मार्ट फोन हैं। रोग और कीट का फोटो खींचकर 9452247111 और 9452257111 वाट्सएप पर भेजे, विभाग इसकी पहचान और निदान संबंधित फोन पर बताएंगा।
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- इस बार डीएपी को लेकर खूब ओवर रेटिग हुई, विभाग ने क्या किया।
- ऐसे मामलों में दो मुकदमे कराए गए, जबकि पांच के लाइसेंस निरस्त किए गए। कमियों पर 70 लाइसेंस निलंबित किए गए तो 106 दुकानदारों को नोटिस भी दिए गए। - जिले में कितने किसानों को पीएम किसान सम्मान मिल चुका है।
- योजना में 3.92 लाख पंजीकृत हुए, कुछ का डाटा गलत है, जिसे सही किया जा रहा है। वैसे, अब तक 3.45 लाख किसानों को पीएम सम्मान की पहली किस्त मिल भी चुकी है। - पराली जलाने की घटनाएं इस बार कम रहने की क्या वजह रही।
- जुर्माने का डर और जागरूकता से इस बार पराली कम जली है। इस बार 22 घटनाएं सामने आई, जिसमें से कई झोपड़ी और फूस जलाने की थी। इस बार विभाग ने किसानों को निश्शुल्क डी कंपोजर दिया है, जिससे पराली को खेतों में खाद बनाया जा रहा है।
