जासं, मैनपुरी : जिला अस्पताल में बुखार के उपचार के नाम पर मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। अस्थायी वार्ड में तैनात जिम्मेदार बेपरवाह हैं। जांच के नाम पर ब्लड सैंपल लेकर उन्हें लावारिस ही छोड़ा जा रहा है। ज्यादातर सैंपल खराब हो गए हैं। चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की गैर मौजूदगी में वार्ड ब्वाय को ही मरीजों की नब्ज टटोलनी पड़ रही है।

बुखार और डेंगू के कहर से कराहते मरीजों के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी के ऊपर सभागार कक्ष को अस्थायी वार्ड बनाया गया है। यहां बिस्तर तो डलवा दिए गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्ती नहीं बरती गई है। मरीजों के उपचार में लापरवाही हो रही है। गुरुवार की रात में इस अस्थायी वार्ड में स्टाफ नर्स नैनसी की ड्यूटी लगी थी, लेकिन वो रात ड्यूटी पर आई ही नहीं।

दोपहर की शिफ्ट में तैनात नर्सिंग स्टाफ द्वारा छह बुखार पीड़ित मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर उन्हें टेबल पर ही छोड़ दिया गया था। रात में नर्सिंग स्टाफ के न आने की वजह से वे सैंपल टेबल पर ही पडे़-पडे़ खराब हो गए। समय पर जांच न होने के कारण भर्ती मरीजों की प्लेटलेट्स का काउंट ही नहीं हो सका। कराहते मरीजों को रात ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय अवनीश द्वारा सहारा दिया गया। वह अकेले ही स्वास्थ्य सेवाओं को संभालते रहे।

मरीजों का कहना है कि यहां दिन में तो लोग आ जाते हैं, लेकिन रात होने के बाद चिल्लाते रहो, कोई सुनने वाला तक नहीं होता। इंतजाम न होने की वजह से मच्छर काटते रहते हैं।

एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे जिम्मेदार

सीएमएस डा. अरविद कुमार गर्ग का कहना है कि सीएमओ के स्तर से जो स्टाफ मिला है वह काम नहीं कर रहा। हमारे पास जो स्टाफ है, उनकी मदद से इनडोर वार्ड, सेप्टिक वार्ड, टीबी वार्ड, डेंगू वार्ड और इमरजेंसी के मरीजों की देखरेख कराई जा रही है। वहीं सीएमओ डा. पीपी सिंह का कहना है कि अस्पताल प्रशासन के पास अपने पर्याप्त स्टाफ हैं। सीएमएस चाहें तो व्यवस्था बना सकते हैं। हमसे जितना स्टाफ मांगा गया था, वह दिया जा चुका है। इस संबंध में दोपहर में तैनात रहे स्टाफ से जानकारी मांगी गई है। यदि सैंपल लिए तो उन्हें लैब तक क्यों नहीं भिजवाया गया। लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। फिलहाल सभी नए मरीजों के दोबारा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। लापरवाही सामने आने पर स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। ड्यूटी के गायब रहने वाली स्टाफ नर्स से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

डा. पीपी सिंह, सीएमओ

Edited By: Jagran