जासं, मैनपुरी: शासन से मिलने वाली इमदाद बैंक विलय की वजह से रुक गई। ऐसे में पांच सौ रुपये मासिक पेंशन रुकने से विधवा महिलाएं खासी परेशान हैं।

तमाम गांवों से महिलाएं खाते में सरकारी मदद नहीं आने की वजह पूछने जिला मुख्यालय दौड़ रही हैं, लेकिन बैंक की कमी बताकर उनको लौटाया जा रहा है। पेंशन की दो किश्त नहीं मिलने से जिला की आठ हजार से अधिक विधवा महिलाओं को आर्थिक दिक्कतों भी सहनी पड़ रही है।

बैंकों का विलय अब गरीब और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों के लिए कष्टकारी साबित हो रहा है। ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त के आर्यावर्त बैंक में तब्दील होने के कारण करीब आठ हजार विधवा महिलाओं की पेंशन अटक गई है। इनके बिल कोषागार में नहीं लग पा रहे, जिससे छह माह से ज्यादा समय होने के चलते लाभार्थियों की दो-दो किस्त अटक गई हैं।

सरकार जिला प्रोबेशन विभाग के जरिये महिलाओं को विधवा पेंशन मुहैया कराती है। पांच सौ रुपये मासिक मिलने वाली यह राशि ऐसी महिलाओं के खाते में वर्ष में तीन किश्तों में आती है। मौजूदा समय में जिला में 21827 विधवा महिलाएं शासन की इस सुविधा का लाभ हासिल करती है। बैंकों का विलय होने के बाद जिला में 8177 विधवा महिलाएं शासन की इस सुविधा से वंचित हैं।

शनिवार को पेंशन की जानकारी के लिए जिला प्रोबेशन कार्यालय आई भोगांव के गांव सूरजपुर की फूलन देवी, राजरानी और श्रीदेवी ने बताया कि वह कई माह से पेंशन की जानकारी को यहां आ रही हैं, लेकिन समस्या का निदान नहीं हो रहा है।

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यह है स्थिति-

जिला प्रोबेशन विभाग के मुताबिक, करीब 21 हजार विधवा महिलाएं लाभार्थी के तौर पर पंजीकृत हैं, इनमें से 8177 महिलाओं की दो-दो किस्त नहीं आई हैं। इस दिक्कत के बारे में शासन को पत्र भी लिखा है। आगे की कार्रवाई वहीं से होनी है। यह समस्या केवल ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त के खाताधारकों के संग है।

Posted By: Jagran

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