मैनपुरी में जरी-जरदोजी से संवरेगा महिलाओं का भविष्य, ODOP योजना के तहत 125 महिलाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण
मैनपुरी में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत 125 महिलाओं को जरी-जरदोजी कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा ...और पढ़ें
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HighLights
125 महिलाओं को जरी-जरदोजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पारंपरिक हुनर को रोजगार का जरिया बनाया जाएगा।
ओडीओपी योजना से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। पारंपरिक हुनर को रोजगार का जरिया बनाकर महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ेंगी। जिले की प्रसिद्ध जरी-जरदोजी कला को नई पहचान देने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल की जा रही है। एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत चयनित 125 महिलाओं को जरी-जरदोजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके जरिए महिलाएं हुनर सीखकर स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी और परिवार की आय बढ़ाने में भी योगदान देंगी।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को जरी-जरदोजी के काम की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षक उन्हें कपड़ों पर आकर्षक डिजाइन तैयार करने, जरी और जरदोजी के धागों का इस्तेमाल करने तथा बारीकी से कढ़ाई करने की तकनीक समझा रहे हैं। इसके साथ ही इस काम में उपयोग होने वाले उपकरणों के संचालन की जानकारी भी दी जा रही है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक कला में दक्ष बनाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उपायुक्त उद्योग डा. बनवारी लाल ने बताया कि ओडीओपी योजना के माध्यम से जिले के पारंपरिक उत्पादों और उनसे जुड़े कारीगरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जरी-जरदोजी का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाएं इस कला को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। इससे स्थानीय हस्तशिल्प को भी बढ़ावा मिलेगा।
