मैनपुरी में पराली जलाने पर अब सेटेलाइट से होगी निगरानी, किसानों पर लगेगा भारी जुर्माना
प्रशासन ने मैनपुरी में पराली जलाने पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी तेज कर दी है, अब सेटेलाइट से खेतों ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। धान की कटाई शुरू होते ही खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था सक्रिय कर दी है। इस बार खेतों में फसल अवशेष जलाने वालों पर सेटेलाइट से नजर रखी जाएगी। जिले में करीब 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती हुई है।
कटाई के बाद निकलने वाले अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए किसानों को जागरूक करने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी है। गांवों में लेखपालों और कृषि विभाग के कर्मचारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेटेलाइट से आग लगने की सूचना मिलने पर संबंधित खेत का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा।
पराली जलाने की पुष्टि होने पर संबंधित किसान से निर्धारित पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूल की जाएगी। उप कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि किसान फसल अवशेष जलाने के बजाय कृषि यंत्रों की मदद से उनका प्रबंधन करें।
पराली को खेत में मिलाकर खाद बनाने अथवा अन्य उपयोग में लाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने किसानों से नियमों का पालन करने की अपील की है।
पराली जलाने पर निर्धारित जुर्माना
- दो एकड़ से कम भूमि पर: 2500 रुपये
- दो से पांच एकड़ तक: 5000 रुपये
- पांच एकड़ से अधिक भूमि पर: 15000 रुपये
