जागरण संवाददाता, मैनपुरी : शहर का कचहरी रोड हो या फिर देवी रोड, सभी सार्वजनिक सड़कें डलाबघर में तब्दील हो चुकी हैं। हर जगह कचरे के ढेर नजर आते हैं। व्यवस्था संभालने के लिए दो सैकड़ा से ज्यादा सफाई कर्मचारी तैनात हैं। लेकिन, दोपहर तक कूड़ा उठान की कोई व्यवस्था नहीं कराई जा रही।

पालिका प्रशासन ने स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार-प्रसार में तो बड़ा खर्च किया था लेकिन व्यवस्था जरा भी न बदली। स्टेशन रोड, भांवत चौराहा, राधा रमन रोड, रेलवे स्टेशन रोड, क्रिश्चियन तिराहा, कचहरी रोड, देवी रोड, कृष्णा टाकीज रोड सहित दूसरी मुख्य सड़कों के किनारे कचरे के ढेर लगे हैं। जिला अस्पताल के दूसरे गेट की स्थिति बदतर है। नर्सिंग होम और पैथोलाजी संचालकों द्वारा आसपास के क्षेत्रों में मेडिकल वेस्ट सहित कचरे को खुले में फेंक दिया जाता है। दुर्गंध के कारण सड़कों से गुजरने वाले राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कहीं नहीं दिखते कूडे़दान

पालिका प्रशासन का दावा है कि कचरा फेंकने के लिए सड़कों पर बडे़ कूडे़दान रखे हैं। किसी भी डलाबघर के आसपास कूडे़दान नजर नहीं आते। उपकरण और वाहनों का भी प्रयोग समय पर नहीं हो रहा। रोजाना निकल रहा लगभग 100 टन कूड़ा

कूड़ा निस्तारण को ट्रांसपोर्ट नगर में प्लांट बना है। क्षमता 40 टन कूड़ा निस्तारण की है। लेकिन सीमा विस्तार के बाद वार्डो की संख्या 25 से बढ़कर 32 हो चुकी है। शहर से रोजाना लगभग 100 टन कूड़ा निकल रहा है। ऐसे में प्लांट कारगर साबित नहीं हो रहा। अधिकारी कहिन

सार्वजनिक स्थानों पर कचरा निस्तारण की योजना तैयार की जा रही है। सफाई नायकों के साथ निरीक्षकों को सुबह 10 बजे तक कूड़ा उठान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मनोज रस्तोगी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, मैनपुरी।

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