जासं, मैनपुरी : लगभग साढे़ तीन सालों से संविदा पर तैनात पैरामेडिकल कर्मियों की सेवा समाप्त करने से अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ा। अब संविदा कर्मियों ने न्याय के लिए न्यायालय की शरण लेने का निर्णय लिया है।

वर्ष 2016 में जिला अस्पताल में संविदा पर 33 पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कराई गई थी। तब से इन सभी कर्मचारियों को अस्पताल के अलग-अलग विभागों में तैनात कर स्वास्थ्य सुविधाओं का क्रियान्वयन कराया जा रहा था। सत्ता परिवर्तन के साथ ही इनकी सेवा समाप्ति को लेकर अटकलें शुरू हो गई थीं। 2019 में लगातार तीन बार सेवा समाप्ति के अग्रिम नोटिस भेजे गए लेकिन हर बार समाप्ति की तारीख से चौबीस घंटे पहले महीने भर का विस्तार कर नोटिस वापस कर लिए गए।

इस बार शासन ने 30 नवंबर की तारीख निर्धारित कर नौकरी खत्म करने का नोटिस भेज दिया। शनिवार दोपहर तक सेवा विस्तार का कोई आदेश नहीं आया। निराश संविदा कर्मियों ने भी काम से दूरी बनाए रखी। अस्पताल के पंजीकरण काउंटर, इमरजेंसी, बर्न वार्ड, जीरियाटिक वार्ड, टीबी वार्ड और ओपीडी के कई वार्डों में सुविधाओं पर असर पड़ा। संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शिवकुमार का कहना है कि न्याय के लिए अब वे सभी न्यायालय की शरण लेंगे।

Posted By: Jagran

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