जासं, मैनपुरी: शहर की नवीन कृषि उत्पादन मंडी परिषद की दुकानों को लेने वाले कई आढ़ती बकाया राशि जमा करने में आनाकानी कर रहे हैं। इस पर मंडी प्रशासन ने दस बड़े बकाएदार आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। अब यह आढ़ती अग्रिम आदेश तक मंडी में कारोबार नहीं कर पाएंगे। इस कार्रवाई से दूसरे बकाएदार आढ़तियों में खलबली मच गई है।

मंडी प्रशासन द्वारा शहर की नवीन मंडी में वर्ष 2014 और 2016 में कई दुकानों का निर्माण कराया गया था। काम पूरा होने के बाद कारोबार करने के लिए इन दुकानों की बोली लगाई गई। तमाम लोगों ने आढ़त का काम करने के लिहाज से लगाई बोली का प्रीमियम जमा कर दुकानें हासिल कीं। इसके बाद कई दुकानदार शेष राशि जमा करने में बेपरवाही बरतने लगे। मंडी प्रशासन ने बकाया राशि जमा करने के लिए इन आढ़तियों को कई बार नोटिस दिए, लेकिन वे अनसुना करते रहे। इस पर एसडीएम सदर एवं मंडी अध्यक्ष ऋषि राज ने दस बड़े बकाएदार आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित करने के निर्देश दिए। इस पर मंडी सचिव एनके कोहली ने लाइसेंस निलंबित कर कारोबार करने पर भी रोक लगा दी है। 30 लाख रुपये से अधिक है बकाया

लाइसेंस निलंबित किए गए आढ़तियों पर मंडी प्रशासन का लाखों रुपया बकाया है। मंडी सचिव के अनुसार बकाया राशि तीस लाख रुपये से अधिक है। अब इसे जमा करने के बाद ही लाइसेंस बहाल किए जाएंगे।

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इन पर हुई कार्रवाई

फर्म- बोली- शेष

मै. हरिश्चंद शास्त्री- 10.03 लाख- 4.45 लाख

मै. सलाउद्दीन रियाजुद्दीन- 7.50 लाख- 3.80 लाख

मै. चौधरी ट्रेडिग कंपनी- 8.50 लाख- 3.05 लाख

मै. जय बाबा फ्रूट कंपनी- 6.30 लाख- 2.45 लाख

मै. वर्मा फू्रट कंपनी- 6 लाख- 2.30 लाख

विनोद कुमार गुप्ता एंड संस- 9.41 लाख- 6.41 लाख

बाबा लक्ष्मण दास ट्रेडर्स- 11.05 लाख- 6.05 लाख

अन्नपूर्णा ग्राउंड इंटरप्राइजेज- 12.01 लाख- 5.01 लाख

मै. एके ट्रेडर्स- 10.15 लाख- 5 लाख

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