जासं, मैनपुरी : सेंटमेरीज स्कूल प्रबंधक की याचिका आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग द्वारा निरस्त कर दी गई है, जिससे स्कूल भवन को गिराए जाने के आदेश का मामला फिर चर्चा में आ गया है।

शहर में आश्रम रोड स्थित सेंटमेरीज स्कूल, ईशन नदी के डूब क्षेत्र में बनाया गया था। शहर निवासी इंद्रवीर सिंह ने इस संबंध में एसडीएम कोर्ट में शिकायत की थी। जांच में पता चला कि विद्यालय प्रबंधक ने मिल्क डेयरी के नाम से नक्शा पास कराने के बाद वहां पर विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया है। विद्यालय प्रबंधक को इस संबंध में एसडीएम कोर्ट से नोटिस जारी किए गए। वर्ष 2016 में तत्कालीन एसडीएम ने भवन को अवैधानिक मानते हुए ध्वस्त करने का आदेश दिया था।

एसडीए के आदेश के खिलाफ विद्यालय प्रबंधक द्वारा डीएम के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई थी, जिसमें सुनवाई के बाद 30 अगस्त 2019 को जिलाधिकारी ने अपील को खारिज करते हुए एसडीएम के आदेश को यथावत लिखा था। डीएम द्वारा अपील खारिज करने के आदेश के विरुद्ध विद्यालय प्रबंधक ने उच्च न्यायालय के साथ-साथ आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग की शरण लेकर याचिका प्रस्तुत की थी। लेकिन उच्च न्यायालय से विद्यालय प्रबंधक को कोई राहत नहीं मिली।

आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग में प्रस्तुत की गई याचिका में सुनवाई के दौरान विद्यालय प्रबंधक ने जिलाधिकारी के आदेश को अवैधानिक बताया। उनका तर्क था कि कुछ लोगों द्वारा विद्यालय को क्षति पहुंचाए जाने के इरादे से शिकायत की गई है। विद्यालय में छात्रों की संख्या चार हजार से अधिक है। लेकिन वे स्कूल भवन के लिए नक्शा न होने के प्रश्न का कोई जवाब नहीं दे सके। सुनवाई के बाद आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग के सचिव श्रीकांत मिश्रा ने प्रबंधक की याचिका को अस्वीकार कर दिया है।

Posted By: Jagran

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