जल्दी करें आवेदन, यूपी की ग्राम पंचायतों को शिक्षा सुधार के लिए मिलेगा 3 लाख का सीखो सिखाओ पुरस्कार
गांवों में शिक्षा की तस्वीर बदलने और बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने वाली ग्राम पंचायतों को 'सीखो सिखाओ ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
शिक्षा सुधारने वाली ग्राम पंचायतों को मिलेगा 'सीखो सिखाओ' पुरस्कार
विजेता पंचायत को तीन लाख, उपविजेता को एक लाख रुपये
आवेदन की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर, घोषणा 26 नवंबर
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। गांवों में शिक्षा की तस्वीर बदलने और बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने वाली ग्राम पंचायतों को तीन लाख रुपये तक का पुरस्कार मिलेगा। इसके लिए सीखो सिखाओ पुरस्कार प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसमें केवल स्कूलों में फर्नीचर और अन्य संसाधन जुटाने के आधार पर चयन नहीं होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, स्वच्छ वातावरण और बच्चों के अनुकूल शैक्षिक सुविधाओं को भी परखा जाएगा। जिले में अब तक किसी भी ग्राम पंचायत ने इसके लिए आवेदन नहीं किया है।
जिले में कुल 549 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 113 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गांव में ही डिजिटल शिक्षा और अध्ययन की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सीखो सिखाओ पुरस्कार के लिए 25 अक्टूबर तक करना होगा आवेदन
प्रतियोगिता में ऐसी ग्राम पंचायतें आवेदन कर सकती हैं, जिन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के साथ प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प कराया हो। विद्यालयों में स्वच्छता, साफ-सफाई और पढ़ाई के अनुकूल माहौल तैयार करने के प्रयासों को भी महत्व दिया जाएगा। इससे ग्रामीण बच्चों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
योजना का लाभ लेने के लिए अब तक एक भी ग्राम पंचायत ने नहीं किया आवेदन
प्रतियोगिता में विजेता ग्राम पंचायत को तीन लाख रुपये और उपविजेता को एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इच्छुक ग्राम पंचायतों को 25 अक्टूबर तक आवेदन करना होगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदनों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद 26 नवंबर को विजेता ग्राम पंचायत की घोषणा की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में शिक्षा का स्तर सुधारना और बेहतर कार्य करने के लिए सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत से आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
अमित त्यागी, डीपीआरओ।
