मैनपुरी, जेएनएन। नवोदय विद्यालय की छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ था। आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है। प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट भी पुलिस को मिल गई है। इस बीच शासन से एसपी अजय शंकर राय के बाद जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय को भी हटा दिया गया है। विशेष जांच दल (एसआइटी) ने भी जांच शुरू कर दी है। 

16 सितंबर की सुबह नवोदय विद्यालय की छात्रा का शव छात्रावास के बरामदे में फंदे पर लटका मिला था। 17 सितंबर को छात्रा के पिता ने दुष्कर्म व हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें एक नाबालिग छात्र के अलावा विद्यालय की तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागा व वार्डन को नामजद करते हुए एक अज्ञात को आरोपित किया गया था। प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया था और शासन स्तर से सीबीआइ जांच की सिफारिश कर दी गई। दो महीने की जांच में पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। 

इस मामले में कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका वाड्रा ने ट्वीट भी किया था, साथ ही पार्टी नेता जितिन प्रसाद ने भी मैनपुरी आकर पीड़ित परिवार से जानकारी ली। दो दिन पहले प्रियंका वाड्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा था। इसके बाद शासन स्तर से सक्रियता बरती गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद रविवार को एसपी अजय शंकर राय को हटा दिया गया। सोमवार को जिलाधिकारी को भी स्थानांतरित कर दिया गया।

सरकार की सख्ती के बाद जांच में तेजी आई है। छात्रा के साथ दुष्कर्म होने की भी पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने दुष्कर्म की जांच का स्लाइड बनाया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा की जांच में स्लाइड में मेल स्पर्म पाए गए हैं। रिपोर्ट में डीएनए जांच की भी सिफारिश की गई थी।

रिपोर्ट दबाने में नपे एसपी

एसपी अजय शंकर राय फॉरेंसिक रिपोर्ट दबाने में ही हटाए गए हैं। 15 नवंबर को दुष्कर्म होने की पुष्टि करने के साथ ही डीएनए जांच की भी सिफारिश की थी, लेकिन संदिग्धों से डीएनए मैच कराने के बजाय पुलिस इसे दबाकर बैठी रही। शासन की सक्रियता के बाद रविवार को डीजीपी ओपी सिंह ने केस से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। इस दौरान पता चला कि आगरा में डीएनए जांच न होने की वजह से जांच के लिए पुलिस को यह स्लाइड लखनऊ भेजनी थी, लेकिन विवेचक इंस्पेक्टर इसे अपने पास रखे रहे। इसमें लापरवाही उजागर होने पर एसपी को हटा दिया गया।

एसआइटी ने विद्यालय में की छानबीन, स्टाफ से पूछताछ

मैनपुरी में छात्रा हत्याकांड में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (एसआइटी) गठन के 24 घंटे के भीतर सक्रिय हो गया। एसआइटी के नेतृत्वकर्ता कानपुर परिक्षेत्र के आइजी मोहित अग्रवाल ने सोमवार को मैनपुरी आकर जांच शुरू कर दी है। डेढ़ घंटे तक टीम ने चप्पा-चप्पा छान मारा, पूछताछ के जरिये घटना का सीन समझने की कोशिश की। स्टाफ से भी जमकर सवाल-जवाब किए।

इधर, नवागत एसपी अजय कुमार ने भी देर शाम कार्यभार ग्रहण कर लिया। शासन ने रविवार को सीबीआइ जांच के लिए केंद्र सरकार को रिमाइंडर भेजने और सीबीआइ जांच शुरू होने तक कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआइटी गठित कर दी। इसमें मैनपुरी के नवागत एसपी अजय कुमार और एसटीएफ के सीओ श्यामकांत बतौर सदस्य शामिल किए गए। एसआइटी के प्रमुख मोहित अग्रवाल ने कहा कि अभी वह जानकारी ले रहे हैं। जांच के बाद ही कुछ कह सकेंगे।

तीन छात्रों सहित पांच का होगा डीएनए और पॉलीग्राफ टेस्ट

छात्रा हत्याकांड की पहेली अब डीएनए और पॉलीग्राफ टेस्ट से सुलझ सकती है। पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के लिए सोमवार को पुलिस विद्यालय के तीन नाबालिग छात्रों के अलावा शिक्षक व महिला वार्डन को लेकर सोमवार को लखनऊ रवाना हो गई। एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि मंगलवार को सभी का पॉलीग्राफ टेस्ट लखनऊ में होगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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