जासं, मैनपुरी : ढाई महीने से जारी बुखार का कहर अब थोड़ा थमने लगा है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भी मरीजों की भीड़ घटी है। लगातार तीसरे दिन शोर-शराबे से राहत दिखी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने अभी कुछ दिन सहयोग की अपील की है।

अगस्त से जिले में बुखार और डेंगू का प्रकोप जारी है। अब तक जिले में 250 से ज्यादा लोगों की बुखार की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोग अब भी बीमार हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में सबसे ज्यादा मरीज पहुंच रहे थे, लेकिन तीन दिन से थोड़ी राहत नजर आ रही है।

मंगलवार को भी इमरजेंसी में राहत मिलने के बाद मरीजों को इनडोर वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया। सुबह की पाली में इमरजेंसी के ज्यादातर बिस्तर लगभग पूरी तरह से खाली हो गए थे। दिन भर में मरीज तो पहुंचे, लेकिन रोज की तरह भीड़ और शोर-शराबा नहीं दिखा। सीएमएस डा. अरविद कुमार गर्ग का कहना है कि यह राहत की बात है कि मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि वे झोलाछाप के पास न जाकर जिला अस्पताल या सीएचसी पर उपचार कराएं।

थोडे़ दिन और कर लें मशक्कत

सीएमओ डा. पीपी सिंह का कहना है कि सभी चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ कुछ दिन और मशक्कत कर लें। सीएचसी और पीएचसी पर जिनकी ड्यूटी लगाई गई है, वे मरीजों को बेहतर उपचार दें। जिला अस्पताल में भी डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ फार्मासिस्ट की संख्या को बढ़ाया गया है। तीमारदारों से अपील है कि वे सहयोग करें।

Edited By: Jagran