जासं, मैनपुरी: बचपन से लेकर उम्र के एक पड़ाव तक हर कोई हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द से परेशान रहता है। खान-पान में अनदेखी वजह बन रही है तो कहीं दिनचर्या में बदलाव शरीर को दर्द दे रहा है। इससे बचने का सिर्फ एक ही तरीका है और वो है बैलेंस डाइट के साथ कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ को भोजन में शामिल करना। योग और व्यायाम भी ऐसी बीमारी में फायदेमंद साबित होते हैं। एक बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि दर्द निवारक जेल लगाने के बाद जोर से मसाज न करें। गुरुवार को दैनिक जागरण के 'हेलो डाक्टर' कार्यक्रम में अस्थि रोग विशेषज्ञ डा. संजय अग्रवाल ने पाठकों के सवालों का जवाब दिया।

मेरी उम्र 42 वर्ष है। मौसम बदलने के साथ शरीर के जोड़ों में दर्द बना रहता है। पंकज अग्निहोत्री, अजीतगंज।

दिनचर्या प्रभावित होने की वजह से ज्यादातर समस्याएं होती हैं। बेहतर है कि पर्याप्त नींद लें और सुबह उठकर व्यायाम करें। बढ़ती उम्र के साथ शरीर का वजन भी बहुत प्रभाव डालता है।

कमर व टखने में हमेशा दर्द बना रहता है। कभी-कभी तो यह दर्द असहनीय हो जाता है। बहुत दवाएं लीं, पर राहत नहीं मिली। राजेंद्र शाक्य घिरोर।

-ऐसा कई बार वजनी चीज को उठाने से होता है। इसके अलावा खानपान में बदलाव भी प्रभाव डालता है। भोजन में प्रतिदिन दूध को शामिल करें। यह कैल्शियम का बेहतर स्त्रोत है। इससे लाभ मिलेगा। यदि फिर भी राहत नहीं मिल रही है तो कैल्शियम और यूरिक एसिड की जांच के बाद ही उपचार दे सकते हैं।

10 साल की बेटी है। असमय ही पैरों और कमर के निचले हिस्से में समस्या होती रहती है।सीमा, कुरावली।

अक्सर बच्चों में यह दिक्कत होती है। इसकी मुख्य वजह जंक फूड का सेवन होता है। सबसे पहले हमें बच्चे की जंक फूड की आदत को बदलकर पोषण युक्त खाद्य सामग्री पर लाना होगा। हरी सब्जियां, दालें, अंकुरित अनाज और फल व दूध के लगातार सेवन से यह समस्या दूर हो जाएगी।

स्पांडिलाइटिस की समस्या है। गर्दन में दर्द के साथ चक्कर आते रहते हैं। प्रखर दीक्षित, अवध नगर।

यह नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्या है। इसमें फिजियोथैरेपी के जरिए आराम मिलता है। इसमें गर्दन को हल्का-हल्का दोनों ओर घुमाएं। ज्यादातर गर्दन को झुकाकर न रखें। यदि फिर भी ज्यादा समस्या रहे तो एक्स-रे के माध्यम से बीमारी की जानकारी कराएं।

जागरण के सवाल

बढ़ती उम्र के साथ बोन डेंसिटी कम होती है। इससे कैसे बच सकते हैं।

-बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों में भी क्षय होना शुरू हो जाता है। जिससे इनका घनत्व कम होता है। इस समस्या से बचने के लिए भोजन में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाएं। दाल, अंडे, दूध और कैल्शियम के स्त्रोत वाले फलों को शामिल करें।

सर्दी के दिनों में हड्डियों के दर्द की समस्या बढ़ती क्यों है।

-हड्डी या मसल्स से जुड़ी समस्याएं सर्दी में बढ़ने की वजह है। हड्डियों में ब्लड का सर्कुलेशन कम होता है। जिससे मांसपेशियां अकड़ती हैं। इससे बचने के लिए रजाई से निकलने के बाद सीधे खुली हवा के संपर्क में न आएं। गर्म कपड़े पहनें और जरूरत हो तो नी कैप का भी इस्तेमाल करें।

जंक फूड और कोल्ड ड्रिक हड्डियों की क्रियाशीलता को कितना प्रभावित करते हैं।

-जंक फूड में किसी भी प्रकार का प्रोटीन और कैल्शियम नहीं होता है। इनमें हानिकारक तत्व होते हैं जो कोलेस्ट्राल को बढ़ाते हैं। कोल्ड ड्रिंक में हानिकारक तत्व हड्डियों को गलाने का काम करते हैं। यही वजह है कि इनका सेवन करने वाले बच्चों में दर्द की समस्या बनी रहती है।

Edited By: Jagran