मैनपुरी, जागरण संवाददाता। डिप्रेशन से जूझते पुलिसकर्मियों को शांत और खुश रखने के लिए काउंसिलिग कराई गई। सेवानिवृत्त मनोचिकित्सक ने मनोभावों को पढ़ पुलिसकर्मियों को खुश रहने के तरीके समझाए।

रविवार की सुबह पुलिस लाइन स्थित सभागार में शारदा यूनीवर्सिटी के पूर्व डीन एवं मनोचिकित्सक डॉ. सुबोध दुबे ने कहा कि पुलिसकर्मियों की दिनचर्या बेहद व्यस्त और तनावभरी होती है। ज्यादातर तनाव के आदी हो जाते हैं, लेकिन बहुत से इससे परेशान होकर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। असल में ऐसा हमारी सोच पर निर्भर करता है। काम को बोझ न समझ, उसे आनंदित होकर करने से बहुत हद तक तनाव को कम किया जा सकता है।

तनाव की एक बड़ी वजह अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति न कर पाना भी है। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी तमाम जिम्मेदारियों से घिरे होते हैं। जरूरी है कि फुर्सत के पलों में अपने साथियों और मित्रों के साथ अपनी भावनाओं का आदान-प्रदान करें। अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि काम के बीच ही हमें भी खुशियों की तलाश करनी होगी। जनता के साथ हमारा मित्रवत व्यवहार भी तनाव दूर करने में हमारा सहयोग करेगा। प्रयास होगा कि पुलिस कर्मियों के बीच भी समय-समय पर प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाए ताकि वे भी अपनी खुशियों को साझा कर सकें।

Posted By: Jagran

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