यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मां चंद्रघटा और कूष्माण्डा के आशीष को उमड़े श्रद्धालु
शनिवार को आश्विन शुक्ल की तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन मानी गई। नवरात्र के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा ...और पढ़ें

जासं, मैनपुरी : शनिवार को आश्विन शुक्ल की तृतीया और चतुर्थी तिथि एक ही दिन मानी गई। नवरात्र के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा और कूष्माण्डा का आह्वान किया गया। देवी मंदिरों में विधिविधान से माता रानी का पूजन कर प्रसाद चढ़ाया गया। दिनभर माता के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने शीतला धाम में मनौती पूरी होने पर गाजे-बाजे के साथ नेजा भी चढ़ाया।
भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों पर जुटना शुरू हो गई थी। मैनपुरी-कुरावली मार्ग स्थित शीतला माता मंदिर पर तड़के चार बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी। पूजन के बाद मंदिर के कपाट खुले तो भक्तों को प्रवेश की अनुमति दी गई। पौ फटते ही भक्तों ने आरती उतारी और प्रसाद चढ़ाकर माता रानी की उपासना की। देवी रोड स्थित काली माता मंदिर पर भी दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा।
शहर के कचहरी रोड स्थित दुर्गा माता मंदिर, आवास विकास कालोनी स्थित शीतला माता मंदिर और मुहल्ला कटरा स्थित देवी मंदिर में भी भजन-कीर्तन के साथ पूजन किया गया। देवी रोड स्थित दुर्गा पंडाल में हवन का आयोजन कर माता रानी का जाप किया गया। धार्मिक माहौल को देखते हुए पुलिस के भी पर्याप्त इंतजाम कराए गए हैं।
गाजे- बाजे के साथ चढ़ाया नेजा
मां शीतला मंदिर पर सुबह से शाम तक दर्जनों श्रद्धालुओं ने मनौती पूरी होने पर नेजा चढ़ाए। गाजे-बाजे के साथ आईं महिलाओं ने देवी भजनों पर नृत्य भी किया। इससे दिनभर यहां मेले का सा माहौल बना रहा। कुरावली मे हुई मां चंद्रघंटा की आराधना
संसू, कुरावली: शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन गुरुवार को कस्बा क्षेत्र में श्रद्धालुओं द्वारा व्रत रखते हुए पूजन अर्चन कर मां के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की आराधना की गई। कस्बा के जीटी रोड स्थित मंदिर वन खंडेश्वरनाथ, मंदिर झारखंडेश्वर नाथ, मंदिर महाराज जी बाबा, मंदिर गायत्री शक्तिपीठ, मंदिर गेमी महाराज, मंदिर श्यामा देवी, भारत सिंह की बगिया स्थित दुर्गा मंदिर, अलूपुरा अड्डा स्थित दुर्गा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
