जासं, मैनपुरी: घिरोर ब्लाक की ग्राम पंचायतों के परिषदीय स्कूलों में बनाए गए रिचार्ज पिट के निर्माण में बीडीओ समेत कई अधिकारी कार्रवाई की चपेट में आएंगे। जांच में दोषी मिले अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिले के अधिकारियों ने शासन को पत्र लिखा है।

घिरोर ब्लाक की कई ग्राम पंचायतों के परिषदीय स्कूलों में बारिश के पानी को सहेजने के लिए रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर बड़ा खेल हुआ। एक रिचार्ज पिट निर्माण पर करीब 82 हजार से अधिक की धनराशि खर्च की गई। काम के लिए बीते साल 12 दिसंबर को कार्ययोजना बनाई, लेकिन काम की शुरूआत से पहले ही ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया था। जानकारी के बाद सीडीओ विनोद कुमार ने समूचे काम की जांच के लिए सात अधिकारियों को जुटाया गया है। मानकों की चढ़ी बलि

परिषदीय स्कूलों में बनाए गए रिजार्च पिट निर्माण में मानकों की भी बलि चढ़ाई गई। बारिश के पानी को पाताल तक पहुंचाने के लिए की गई बोरिग कुछ स्थानों पर अधूरी छोड़ी। टैंक बनाए गए, लेकिन पटिया या स्लैब नहीं लगाए गए हैं। ब्लाक अधिकारी छिपाते रहे मामला-

रिजार्च पिट निर्माण के लिए दिसंबर में कार्य योजना बनी। इसके बाद जनवरी और फरवरी में बिना काम के भुगतान भी हो गया। इतना होने के बाद भी अधिकारी नींद में ही रहे। जानकारों के अनुसार, बीडीओ और लेखाकार ने आंखों पर पट्टी बांधकर भुगतान कराने में खास भूमिका निभाई। सचिवों को तो भुगतान किए जाने की हवा तक नहीं लगी।

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सात अधिकारियों ने की जांच-

रिचार्ज पिट निर्माण के खेल को सामने उजागर करने के लिए सीडीओ विनोद कुमार ने इसकी जांच के लिए परियोजना निदेशक केके सिंह, डीसी मनरेगा पीसी राम, जिला कृषि अधिकारी डा. सूर्य प्रताप सिंह, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी विजय सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजय पाल सिंह, बीडीओ किशनी महेश त्रिपाठी और बीडीओ जागीर जितेंद्र कुमार को लगाया था।

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पूरे काम की जांच कराई गई। ब्लाक के अलावा अन्य अधिकारी इसमें लापरवाही के लिए दोषी मिले हैं। पूरा मामला कार्रवाई के लिए शासन को भेजा है।

- विनोद कुमार, सीडीओ।

Edited By: Jagran