जासं, मैनपुरी : मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर जहर पीने वाले बोझा निवासी युवक का इलाज लखनऊ में चल रहा है। परिवार के लोग भी अस्पताल में मौजूद है। दूसरी ओर हिरासत में लिए कथित सपा नेता ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकार दिया है। पुलिस अन्य साक्ष्य तलाशने में जुट गई है।

थाना किशनी के गांव बोझा निवासी विमलेश यादव का आरोप था कि उसके गांव के निवासी कथित सपा नेता प्रदीप यादव ने उसे कस्बा किशनी में एक प्लाट देने के बहाने उसकी एक बीघा जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया था। बाद में जमीन के बदले प्लाट देने से इन्कार कर दिया। उसके साथ मारपीट भी की गई। अधिकारियों को शिकायती पत्र दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

11 सितंबर के विमलेश यादव ने कलक्ट्रेट पहुंच कर डीएम कोर्ट के बाहर कीटनाशक पी लिया था। कुछ दिन इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। इस घटना के बाद विमलेश यादव की पत्नी संध्या की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित प्रदीप यादव के खिलाफ जालसाजी के आरोप में एफआइआर दर्ज कर ली थी। एक माह तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो सोमवार को विमलेश यादव ने मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर जहर पी लिया।

जानकारी होते ही गांव में रह रहे परिवार के लोग लखनऊ के लिए रवाना हो गए। विमलेश यादव का इलाज लखनऊ के अस्पताल में चल रहा है। विमलेश यादव द्वारा दूसरी बार जहर पीए जाने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को आरोपित प्रदीप यादव को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ हुई तो उसने जमीन की कीमत विमलेश को अदा करने की बात कही। अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताया है।

दूसरे दिन भी पुलिस आरोपित प्रदीप यादव से पूछताछ करती रही। वह लगातार आपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताता रहा। अब पुलिस ने गांव के लोगों से जानकारी लेना शुरू किया है ताकि घटना को लेकर सही जानकारी सामने आ सके। गांव बोझा में घटना को लेकर अलग-अलग प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं। एसओ किशनी अजय कुमार ने बताया कि पकड़े आरोपित से पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।

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