जागरण संवाददाता, महोबा : खंड विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर युक्त लेटर लेकर पंचायतों में मकानों की नंबर प्लेट बिक्री का फर्जीवाड़ा करने वालों पर मुकदमा दर्ज होगा। साथ ही जिन ग्रामीणों का रुपया लिया गया था उसे भी वापस कराया जाएगा। डीपीआरओ ने चरखारी बीडीओ को इसके लिए निर्देशित किया है। अभी दो आरोपितों की पहचान हो सकी है। मामले में पंचायत सचिव पर भी आरोप हैं। उनके खिलाफ भी जांच की जा रही है।

चरखारी ब्लाक की पंचायत रिवई के प्रधान श्रीपत ने बताया कि उनके पास रामलाल नामक व्यक्ति एक बीडीओ के हस्ताक्षर का पत्र लेकर पहुंचा था। उसके साथ गांव में तैनात सफाई कर्मचारी भी था। आदेश में था कि हर मकान में नई नंबर प्लेट लगनी है। इसके 50 रुपये मकान मालिक को देना होगा। पंचायत सचिव ने भी इसकी सहमति दी थी। इसी तरह ब्लाक की पड़ौरा, सूपा पंचायत में भी दीपक ओझा नाम का व्यक्ति लेटर लेकर पहुंचा था और प्रधान से ग्रामीणों को नंबर प्लेट लगवाने के लिए राजी किया था। मामले की जानकारी पर डीपीआरओ संतोष कुमार ने बीडीओ को तुरंत इस तरह के फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। मामले में आरोपित दीपक ओझा, रामलाल पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ ने कहा कि रिवई में 125 लोगों के रुपये वापस किए गए हैं। अन्य पंचायतों में भी लोगों के रुपये वापस कराया जा रहा है। पंचायतों सचिवों के खिलाफ भी जांच की जा रही है।

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