महाेबा, जागरण संवाददाता। जिला अस्पताल में सोमवार को अलग-अलग दो मरीजों की झाड़ फूंक करने तांत्रिक पहुंच गए। इन्हें देख वहां तमाशा देखने वालों की भीड़ जुट गई। उनकी इस क्रियाकलाप को देख कर भी जिला अस्पताल के अधिकारी कुछ नहीं बोल सके। किसी ने भी उन्हें भगाने का प्रयास नहीं किया।

शाम करीब पांच बजे कस्बा कुलपहाड़ निवासी 22 वर्षीय संध्या और ग्राम चितैयन निवासी 50 वर्षीय लखनलाल जिला अस्पताल पहुंचे। इन दोनों लोगों को बिच्छू ने डंस लिया था। स्वजन ने दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।

उनका इमरजेंसी वार्ड में उपचार भी हो गया था। उसी समय इमरजेंसी में अपने नाते रिश्तेदार का इलाज कराने आए तांत्रिक तेलीपहाड़ी महोबकंठ निवासी संतोष कुमार पुजारी और गोरखा चरखारी निवासी लखनलाल ने वार्ड में भर्ती संध्या और रामदास से कहा कि झाड़ फूंक करने से तत्काल जहर उतर जाएगा। इतना कह कर संध्या को बेड पर बैठाकर लखनलाल उसके कान में मंत्र फूंकने लगा।

वहीं इमरजेंसी के बाहर रामदास को बैठाकर संतोष कुमार झाड़ फूंक करने लगा। तांत्रिक कभी कान में मंत्र बोलता तो कभी हाथ और पैर पर हाथ फेरता। करीब आधे घंटे तक दोनों तांत्रिकों का यह कारनामा चलता रहा लेकिन किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी ने उन्हें रोका नहीं। इस मामले में सीएमओ डा. डीके गर्ग ने बताया कि इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है, पता करा कर इस पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। 

Edited By: Abhishek Agnihotri

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