जासं, महोबा : विभिन्न क्षेत्रों में 2017 के पूर्व की भंडारित गिट्टी व डस्ट की नीलामी कराए जाने के लिए करीब 90 भू स्वामियों ने डीएम सत्येंद्र कुमार को प्रार्थना पत्र सौंपा था। उनकी मांग पर डीएम ने प्रथम चरण में 48 गाटा नंबरों पर भंडारित गिट्टी-डस्ट की नीलामी के लिए स्वीकृत पत्र जारी किया है। इससे अब जिले की क्रशर मंडी में खनिज रायल्टी की किल्लत समाप्त हो सकेगी।

भंडारित उपखनिज की सही मात्रा के आकलन के लिए जीपीएस जियो कार्डिनेटर से जांच की गई है। करीब 32 लाख घन मीटर उप खनिज की नीलामी हो जाने से उक्त उप खनिज के परिवहन के लिए रायल्टी खनिज विभाग की ओर से निर्गत हो सकेगी।

खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के कई खनिज क्षेत्रों में (पहाड़ों) की ई-टेंडरिग से पट्टा आवंटन हो चुका है। पर्यावरणीय अनापत्ति प्रमाणपत्र आते ही बोल्डर व रायल्टी की कमी दूर हो जाएगी। उपखनिज की नीलामी से भंडारित उपखनिज का परिवहन हो जाने से उद्यमियों को राहत मिलेगी। शासन को करीब 64 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति का भी अनुमान है। डीएम सत्येंद्र कुमार ने क्रशर उद्योग को फिर से पटरी पर लाने के लिए जो प्रयास किए हैं उससे क्रशर उद्यमियों व श्रमिकों में विश्वास जागा है।

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